Aaj ka Panchang 10 October 2023: आज इंदिरा एकादशी पर साध्य योग समेत बन रहे हैं ये 3 संयोग, पढ़िए दैनिक पंचांग
Aaj ka Panchang 10 October 2023 पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। आज यानी 10 अक्टूबर 2023 मंगलवार को इंदिरा एकादशी है। आज पितृ पक्ष के दौरान एकादशी श्राद्ध किया जाएगा। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ज्योतिषियों की मानें तो आज इंदिरा एकादशी फर साध्य योग का निर्माण हो रहा है। आइए पढ़ते हैं आज का पंचांग -

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Aaj ka Panchang 10 October 2023: आज यानी 10 अक्टूबर 2023, मंगलवार का दिन है। पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। पितृ पक्ष चल रहा है, ऐसे में आज एकादशी का श्राद्ध किया जाएगा। इस शुभ दिन पर कई शुभ योग का निर्माण हो रहा है। आइए आज का पंचांग पढ़ते हैं और जानते हैं शुभ मुहूर्त का समय व राहुकाल और दिशाशूल के विषय में-
आज का पंचांग ( Panchang 10 October 2023)
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त -दोपहर 03 बजकर 08 मिनट पर
नक्षत्र - मघा
साध्य योग
इंदिरा एकादशी तिथि पर साध्य योग का निर्माण 10 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 47 मिनट तक है। इस योग के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी कामों में सिद्धि प्राप्त होती है।
शुभ योग
इंदिरा एकादशी तिथि पर शुभ योग का निर्माण हो रहा है। शुभ योग का निर्माण दिन भर है। इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से व्रती को अमोघ फल की प्राप्ति होती है।
करण
आश्विन माह में एकादशी तिथि पर दोपहर 03 बजकर 08 मिनट तक बालव करण का निर्माण हो रहा है। इसके पश्चात, कौलव करण रात्रि भर है। बालव और कौलव करण शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 17 बजकर 57 मिनट पर
पंचांग
ब्रह्म मुहूर्त - 04 बजकर 40 मिनट से 05 बजकर 29 मिनट तक
अमृत काल - सुबह 06 बजकर 03 मिनट से अगले दिन 07 बजकर 51 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त - 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 04 मिनट से 02 बजकर 51 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 57 मिनट से 06 बजकर 22 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक
अशुभ समय
राहुकाल - दोपहर 03 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 30 मिनट तक
गुलिक काल - दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से दोपहर 01 बजकर 35 मिनट तक
दिशा शूल - उत्तर
ताराबल
अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।