आज का पंचांग 04 अक्टूबर 2026: मातृ नवमी और जितिया व्रत पारण का अद्भुत संयोग, नोट करें अभिजीत मुहूर्त का समय
आज 04 अक्टूबर 2026 को मातृ नवमी और जितिया व्रत का पारण एक साथ मनाया जा रहा है। मातृ नवमी ...और पढ़ें

Aaj ka Panchang 04 October 2026: मातृ नवमी के शुभ-अशुभ योग
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। पंचांग के अनुसार, आज यानी 04 अक्टूबर को मातृ नवमी मनाई जा रही है। पितृ पक्ष में इस दिन मृतक माता, दादी, नानी, बहन और अन्य महिला का श्राद्ध करने का विधान है। साथ ही आज जितिया व्रत का पारण भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से संतान को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और तरक्की के योग बनते हैं।
इसलिए रविवार के दिन मातृ नवमी और जितिया व्रत का पारण का संयोग बन रहा है। आज सूर्य देव कन्या राशि में स्थित हैं और चन्द्र देव मिथुन राशि में सायं 06 बजकर 31 मिनट तक हैं। इसके बाद फिर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 04 October 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
जितिया व्रत 2026 पारण का शुभ मुहूर्त (Jitiya Vrat 2026 Paran Shubh Muhurat)
जितिया व्रत का पारण नवमी तिथि पर किया जाता है। 4 अक्टूबर को व्रत का पारण सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद किया जा सकता है।
तिथि: कृष्ण अष्टमी
मास: आश्विन
दिन: रविवार
संवत्: 2083
तिथि: कृष्ण पक्ष की नवमी – अगले दिन तड़के 03 बजकर 53 मिनट (05 अक्टूबर) तक, तत्पश्चात दशमी तिथि
योग: परिघ – दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक, फिर शिव
करण: तैतिल – सायं 04 बजकर 51 मिनट तक
करण: गरज – अगले दिन तड़के 03 बजकर 53 मिनट (05 अक्टूबर) तक, फिर वणिज
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 15 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 04 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 40 मिनट पर (05 अक्टूबर)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 01 बजकर 58 मिनट पर
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मिथुन राशि में (सायं 06 बजकर 31 मिनट तक), फिर कर्क राशि में प्रवेश
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 46 बजे से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
अमृत काल: रात्रि 09 बजकर 57 मिनट से रात्रि 11 बजकर 28 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: सायं 04 बजकर 35 मिनट से सायं 06 बजकर 04 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 07 मिनट से सायं 04 बजकर 35 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 12: बजकर 10 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पुनर्वसु नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पुनर्वसु नक्षत्र: मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 13 मिनट (05 अक्टूबर) तक, फिर पुष्य
नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव
राशि स्वामी: बुधदेव और चंद्रदेव
देवता: अदिति (देवताओं की माता)
प्रतीक: धनुष और तरकश
सामान्य विशेषताएं: अत्यंत ज्ञानी, आशावादी, आत्मविश्वासी, आकर्षक, आध्यात्मिक, भाग्यशाली, धार्मिक, कुशल वक्ता, दयालु और सहानुभूति रखने वाले।
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