नई दिल्ली, Weekly Vrat Tyohar 5 To 11 December 2022: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ नए सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है। पंचांग के अनुसार, इस सप्ताह के पहले दिन ही सोम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। इसके साथ ही इस सप्ताह का अंत संकष्टी चतुर्थी के साथ हो रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस सप्ताह कई बड़े व्रत त्योहार पड़ रहे हैं। देखें इस सप्ताह पड़ने वाले सभी व्रत त्योहारों के बारे में।

5 दिसंबर 2022, सोमवार- प्रदोष व्रत (शुक्ल)

पंचांग के अनुसार, मास में दो बार प्रदोष पड़ता है, जिसमें पहला कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष मं। शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले संकष्टी चतुर्थी को विनायक गणेश चतुर्थी के नाम से जानते हैं। मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को पड़ने वाली गणेश चतुर्थी को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने का विधान है।

6 दिसंबर 2022, मंगलवार - कार्तिगाई दीपम्

कार्तिगई दीपम मुख्य रूप से तमिल हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला पर्व है। ये पर्व तमिल सौर कैलेंडर के आधार पर तय किया जाता है। इस कारण यह पर्व कार्तिकई के महीने में पड़ता है। इस पर्व को तमिलनाडु और केरल के लोग दीपावली की तरह मनाते हैं। इस दिन घर में रंगोली बनाने के साथ शाम को मिट्टी के दीपक जलाए जाते हैं।

8 दिसंबर 2022, गुरुवार- मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, अन्नपूर्णा जयंती, रोहिणी नक्षत्र

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत

मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान-दान का काफी महत्व है। इस पूर्णिमा को अगहन पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। माना जाता है कि इस दिन दान देने से 32 गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

अन्नपूर्णा जयंती

हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा जयंती के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां अन्नपूर्णा प्रकट हुई थीं। इसी कारण इस दिन मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है।

रोहिणी नक्षत्र

रोहिणी व्रत जैन समुदाय में महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है। दिन है। 27 नक्षत्रों में से एक को रोहिणी व्रत कहा जाता है। इस व्रत को महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करती हैं।

11 दिसंबर 2022, रविवार- संकष्टी चतुर्थी

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

डिसक्लेमर

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Edited By: Shivani Singh

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