Sawan Somvar 2021: सावन का माह पूरी तरह से भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है, लेकिन सावन के सोमवार का विशेष महत्व है। शिव भक्तों को सावन के सोमवार का विशेषतौर पर इंतजार रह ता है। लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए और अपने मन की मुराद पूरी करने के लिए सावन के सोमवार का व्रत रखते हैं। इस साल सावन के महीने में चार सोमवार पड़ रहे हैं। सावन का दूसरा सोमवार कल 02 अगस्त को है। सावन का दूसरा सोमवार कृतिका नक्षत्र में पड़ रहा है और इस दिन एक विशेष योग का भी निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं उसके बारे में....

सावन के दूसरे सोमवार पर विशेष योग

सावन का दूसरा सोमवार कल 02 अगस्त को पड़ रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार सोमवार कृतिका नक्षत्र में प्रारंभ हो रहा है। कृतिका नक्षत्र का संबंध शिव पुत्र कार्तिकेय से होने के कारण इस दिन शिव पूजन विशेष फलदायी होगा। इसके अलावा 02 अगस्त को सूर्य कर्क राशि में बुध ग्रह के बुधादित्य योग का निर्माण कर रहा है। इस योग में शिव पूजन करने से बुध ग्रह मजबूत होता है। साथ ही सावन का दूसरा सोमवार नवमी तिथि को है जो कि भगवान राम और सिद्धिदात्री दुर्गा से संबंधित है। इस दिन सूर्य पूजा भी लाभदायी होगी।

सोमवार की पूजन विधि

सावन के सोमवार को प्रातः काल उठ कर स्नान आदि से निवृत्त हो जाए। इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का जाप करते हुए शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। भगवान शिव को मदार का फूल, धतूरा, भांग , अछत और रोली चढ़ाए । हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें और दिन भर फलाहार व्रत रखें। सावन के सोमवार को भगवान शिव का रूद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी होता है। सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध या खीर अर्पित करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है।

डिसक्लेमर

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Edited By: Jeetesh Kumar