Sawan Puja Niyam: भगवान शिव को प्रिय है बेलपत्र, जानिए इससे जुड़े नियम
Sawan 2023 बेलपत्र भगवान शिव के प्रिय पेड़-पौधों में से एक माना जाता है। इसलिए भगवान शिव की पूजा में इसका विशेष महत्व है। शास्त्रों में तो बेलपत्र को लेकर यहां तक कहा जाता है कि अगर किसी के पास पूजा की कोई सामग्री न भी हो तो भी आप शिवजी को केवल बेलपत्र चढ़ा दें उससे भी वह प्रसन्न हो जाते हैं।

नई दिल्ली, अध्यात्म। Sawan 2023: सनातन धर्म में सावन के महीने को बहुत ही पवित्र माना गया है। सावन का पवित्र महीना चल रहा है ऐसे भी लोग भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा और व्रत आदि करते हैं। भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र मुख्य रूप से चढ़ाया जाता है। इससे वह जल्दी प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को मनोवांछित फल देते हैं। लेकिन इससे जुड़े कुछ नियम भी जानने जरूरी।
क्या कहते हैं शास्त्र
धार्मिक ग्रंथों में बेल के वृक्ष का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। इसमें मां पार्वती और शिव जी का वास माना गया है। ऐसे में सावन में भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का इस्तेमाल करना बहुत ही शुभ माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इस पेड़ में मां लक्ष्मी का वास भी माना गया है। इसकी पूजा करने से दरिद्रता और गरीबी दूर होती है। साथ ही इसे घर में लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है।
कैसे हुई उत्पत्ति
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र की उत्पत्ति माता पार्वती के पसीने से हुई है। इसलिए इसे माता पार्वती का रूप भी माना जाता है। इसे घर में लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि रविवार और द्वादशी के दिन बेलपत्र के पूजा करने से कई तरह के पापों से मुक्ति मिलती है।
इस दिन न तोड़े बेलपत्र
बेलपत्र के या उसकी टहनियों को सोमवार के दिन भूलकर भी नहीं तोड़ना चाहिए माना जाता है। साथ ही इसे चतुर्थी, अष्टमी, नवमी तिथियों, प्रदोष व्रत, शिवरात्रि, अमावस्या के दिन तोड़ना भी वर्जित माना गया है।
किस दिशा में लगाएं
बेलपत्र का पौधा घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इस दिशा में बेलपत्र का पौधा लगाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं, मध्य में लगाने से जीवन में मधुरता आती है।
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