October Fast and Festivals: अक्टूबर का चौथा सप्ताह व्रत एवं त्योहारों से भरा हुआ है। इस सप्ताह में ही पांच दिन के ​दीपावली पर्व का आगाज होना है, जिसका प्रारंभ धनतेरस के दिन से होता है और अंत भैया दूज को होता है। इस सप्ताह धनतेरस, प्रदोष व्रत, यम दीपम, काली चौदस, मासिक शिवरात्रि, दीपावली, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा, केदार गौरी व्रत, कमला जयंती, अन्नकूट या गोवर्धन पूजा और कार्तिक अमावस्या आने वाले हैं। आइए जानते हैं कि ये सभी व्रत और त्योहार किस तारीख को आने वाले हैं।  

24 अक्टूबर: रमा एकादशी। 

रमा एकादशी: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग भगवान श्रीकृष्ण की विधिपूर्वक पूजा करते हैं। इस व्रत से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।       

25 अक्टूबर: धनतेरस, यम दीपम, प्रदोष व्रत, गोवत्स द्वादशी, यम पंचम प्रारंभ।

धनतेरस: धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस होता है। इस दिन भगवान धनवन्तरि की पूजा करते हैं और सोना, चांदी या धातु का कोई सामान खरीदने की परंपरा है।   

यम दीपम: परिवार में कोई भी सदस्य की असमय मृत्यु न हो, इससे बचने के लिए शाम के समय घर से बाहर एक दीपक यमराज के लिए जलाते हैं, जिसे यम दीपम कहा जाता है। 

प्रदोष व्रत: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, हर मास की त्रयोदशी ति​थि को प्रदोष व्रत होता है। इस बार शुक्रवार को पड़ने के कारण यह शुक्र प्रदोष व्रत है। इस दिन देवों के देव महादेव की आराधना करते हैं।      

26 अक्टूबर: रूप चौदस, काली चौदस, छोटी दिवाली, मासिक शिवरात्रि।

रूप चौदस और काली चौदस: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रूप चौदस होता है। सूर्योदय से पूर्व उबटन, स्नान एवं पूजा का करते हैं, जिससे रूप और स्वर्ग की प्राप्ति होती है। बंगाल में इस दिन काली मां का जन्मदिन मनाते हैं, इसलिए इसे काली चौदस भी कहते हैं।  

27 अक्टूबर: दीपावली, लक्ष्मी पूजा, केदार गौरी व्रत, कमला जयंती।

दीपावली: कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। 

कमला जयंती: मां आदिशक्‍ति के उग्र और सौम्‍य कुल 10 अवतारों में से मां कमला दसवां अवतार हैं। अमावस्या के दिन ही मां कमला की पूजा होती है। इनकी पूजा से विद्या और कौशल में विकास, धन और ऐश्‍वर्य में वृद्धि होती है।  

28 अक्टूबर: अन्नकूट या गोवर्धन पूजा, कार्तिक अमावस्या।

अन्नकूट या गोवर्धन पूजा: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को अन्नकूट या गोवर्धन पूजा मनाया जाता है। यह दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है।

Posted By: kartikey.tiwari

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