Margashirsha Maas Tips: हिन्दू पंचांग के नौवें महीने मार्गशीर्ष का प्रारंभ आज हो गया है, इस मास को अगहन के नाम से भी जाना जाता है। मार्गशीर्ष मास को भगवान श्रीकृष्ण का मास कहा जाता है। मार्गशीर्ष को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप कहा गया है। इस मास में नदी, तालाब या पवित्र कुंड में स्नान करने से पुण्य लाभ होता है। यदि हम मार्गशीर्ष मास में कुछ बातों का ध्यान रखें तो हमारी किस्मत चमक सकती है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति भी हो सकती है।

मार्गशीर्ष मास में क्या करें

1. मार्गशीर्ष मास में यदि आप ओम दामोदराय नमः मंत्र के उच्चारण के साथ अपने गुरु को प्रणाम करते हैं तो आपकी प्र​गति में आने वाले अवरोध स्वत: ही खत्म हो जाएंगे।

2. मार्गशीर्ष मास भगवान ​श्रीकृष्ण को प्रिय है, ऐसे में लोगों को विष्णुसहस्त्र नाम, भगवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

3. मार्गशीर्ष मास में शंख की पूजा की जाती है। पूजा के समय शंख में पवित्र जल भरें और उसे भगवान के चारों ओर घुमाएं। शंख के जल को घर में छिड़कने से शांति आती है। आपसी मनमुटाव खत्म होता है।

4. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की आराधना करनी चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन ही चंद्र देव को औषधीय गुण प्राप्त हुए थे।

5. मार्गशीर्ष मास में व्यक्ति को संभव हो तो यमुना में स्नान करें या फिर किसी नदी या सरोवर में स्नान करें और भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें। ऐसा करने से श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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6. मार्गशीर्ष मास में प्रति​दिन स्नान के बाद भगवान श्रीकृष्ण की पूजा आराधना करें, संध्या के समय भजन कीर्तन भी विशेष फलदायी होता है।

7. मार्गशीर्ष मास में पूजा के समय भगवान विष्णु के मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करना चाहिए।

8. मार्गशीर्ष मास में में पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी का पत्र जरूर अर्पित करें। उसे प्रसाद स्वरूप स्वयं ग्रहण करें और परिजनों को भी दें।

Posted By: Kartikey Tiwari

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