दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। सनातन धर्म में हर एक दिन का विशेष महत्व है। सप्ताह के सातों दिनों अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा-उपासना की जाती है। इसके अलावा कृष्ण और शुक्ल पक्ष में लगभग हर रोज पूजा और व्रत का विधान है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में कई व्रत और त्योहार हैं, क्योंकि इस सप्ताह आषाढ़ माह का समापन हो रहा है। जबकि सावन महीना भी शुरू हो रहा है। आइए, साप्ताहिक व्रत-त्योहार के बारे में जानते हैं-

-1 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखा जाता है। जबकि इस दिन से भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयन के लिए चले जाते हैं। इस दौरान कोई शुभ काम नहीं किया जाता है।

-2 जुलाई को वासुदेव द्वादशी है। 3 जुलाई को जया पार्वती व्रत शुरू हो रहा है। इस दिन प्रदोष व्रत भी है।जया पार्वती व्रत शुक्रवार 3 जुलाई से शुरू होकर बुधवार 8 जुलाई को समाप्त होगा। इस दौरान मां पार्वती की पूजा-उपासना की जाती है।

-4 जुलाई को कोकिला व्रत है। इस व्रत में आदिशक्ति के स्वरूप कोयल की पूजा करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

-4 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा व्रत है। इस दिन भगवान सत्यनारायण के निमित्त व्रत किया जाता है। यह तिथि पूर्णिमा से एक दिन पहले भी पड़ती है। जबकि प्रायः यह पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

-5 जुलाई को को गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा और व्यास जयंती है। इस दिन उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका महादेश के कुछ देशों में उपच्छाया चन्द्र ग्रहण भी पड़ने वाला है।

-6 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान शिव जी की कठिन भक्ति और पूजा-उपासना की जाती है।

-7 जुलाई को पहला मंगला गौरी व्रत है। यह व्रत सौभाग्य प्रदान करने वाला होता है। खासकर अविवाहित लड़कियों के लिए यह व्रत विशेष फलदायी होता है।

Posted By: Umanath Singh

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