Hanuman Chalisa Benefits: रामभक्त, संकटमोचन, बजरंगबली, पवनपुत्र, केसरीनंदन, आंजनेय आदि नामों से प्रसिद्ध गुणों के निधान हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा को हुआ था। इस कारण से हर वर्ष हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है। आज देश भर में हनुमान जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। हनुमान जी जैसा पराक्रमी, बुद्धिमान और अतुलित बलशाली दूसरा कोई नहीं है। हनुमान जयंती के अवसर पर आप हनुमान जी की आराधना करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान चालीसा का पाठ अपने आप में ही उनकी पूजा के लिए संपूर्ण है। हनुमान चालीसा हनुमान जी के पराक्रम के गुणगान से परिपूर्ण है। उसकी चौपाइयों को पढ़ने से आपके जीवन के सारे कष्ट, रोग, भय, दरिद्रता, जड़ता, बुद्धिहीनता जैसी बुराइयों का अंत हो जाता है। आपके बिगड़े काम बन जाते हैं। हनुमान जयंती पर हम आपको हनुमान चालीसा के महत्व और चमत्कारी लाभ के बारे में बता रहे हैं।

हनुमान चालीसा का महत्व

तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के साथ हनुमान चालीसा की भी रचना की थी। इसमें हनुमान जी के बाल्यकाल की घटनाओं के साथ प्रभु श्रीराम की सहायता, सीता माता की खोज, लंका दहन जैसी पराक्रम से जुड़ी घटनाओं का वर्णन है।

कहा जाता है कि जब हनुमान जी ने बाल्यकाल में सूर्यदेव को एक लाल फल समझ कर निगल गए थे, तब इंद्र ने वज्र से उन पर प्रहार कर दिया, जिससे वो मुर्छित होकर गिर पड़े। इस बात को जानकर पवन देव क्रोधित हो गए। वहीं, जब देवताओं को पता चला कि हनुमान जी कोई और नहीं बल्कि भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हैं, तब उन्होंने हनुमान जी को एक-एक करके अपनी शक्तियां प्रदान कीं।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवताओं ने जिन मंत्रों से हनुमान जी को शक्तियां प्रदान की थीं और उनके गुणों का गान किया था, उनके सार को ही तुलसीदास जी ने चौपाई और दोहों की मदद से हनुमान चालीसा की रचना की।

हनुमान चालीसा का लाभ

हनुमान चालीसा में कोई मंत्र नहीं है, लेकिन उनकी चौपाइयों में आपकी समस्याओं का समाधान छिपा है। प्रतिदिन स्नान के बाद आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, तो इसका चमत्कारिक लाभ महसूस होगा।

1. संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

2. संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

3. भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।

इन 3 चौपाइयों को पढ़ने से व्यक्ति के सभी संकट मिट जाते हैं, सभी दुखों का नाश हो जाता है। किसी भी प्रकार का भय उसे नहीं रहता, वह निडर हो जाता है।

यदि आप किसी कार्य को कर रहे हैं, लेकिन आपके लाख प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है तो फिर हुनमान चालीसा के इस चौपाई का स्मरण करें।

1. भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्रजी के काज संवारे।।

आप हनुमान जी से शक्ति की कामना करते हैं तो आपको नीचे की इस चौपाई का स्मरण करना चाहिए। इससे आपको कठिन परिस्थितियों से लड़ने के लिए शक्ति मिलेगी।

1. अष्ट-सिद्धि नवनिधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।

यदि आप किसी रोग से पीड़ित हैं, उस रोग से निदान चाहते हैं तो आपको हनुमान चालीसा की इस चौपाई का जाप करना चाहिए।

1. नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

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