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ब्रह्मांड में गूंजता है बजरंगबली का यश, 'तेज प्रताप महा जग वंदन' चौपाई से कैसे दूर होते हैं जीवन के सभी संकट?

Published: Sat, 24 Oct 2026 09:12 AM (IST)

हनुमान चालीसा की "शंकर सुवन केसरी नंदन। तेज प्रताप महा जग वंदन॥" चौपाई का पाठ जीवन के संकटों को दूर ...और पढ़ें

हनुमान जी भगवान शिव के अंश क्यों कहलाते हैं?(Picture Credits- AI Images)

हनुमान जी भगवान शिव के अंश क्यों कहलाते हैं?(Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधिपूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करने से बजरंगबली की कृपा से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही साधक को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं। वैसे तो हनुमान चालीसा की सभी चौपाइयों का विशेष महत्व है, लेकिन एक ऐसी चौपाई है, जिसका आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टि से अत्यंत गहरा महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस चौपाई का पाठ करने से साधक के जीवन में विशेष ऊर्जा का संचार होता है और सकारात्मक बदलाव आते हैं। यह जानकर आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि हम किस चौपाई की बात कर रहे हैं, तो आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं इस शक्तिशाली चौपाई के बारे में।

शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन॥

हनुमान चालीसा की इस चौपाई का हिंदी अर्थ है कि हे हनुमान जी, आप भगवान शिव के अवतार और वानरराज केसरी के पुत्र हैं। आपका तेज और पराक्रम अत्यंत महान है और पूरा जगत आपकी वंदना करता है।

शब्द के अनुसार हिंदी अर्थ

शंकर: भगवान शिव
सुवन: अंश, अवतार या पुत्र
कसरी: वानरराज केसरी
नंदन: पुत्र
तेज: ऊर्जा या दिव्य चमक
प्रताप: पराक्रम, शौर्य, यश या कीर्ति
महा: अत्यंत विशाल, बहुत बड़ा या महान
जग: संपूर्ण संसार
वंदन: वंदनीय, पूजनीय या जिसकी स्तुति की जाती हो

चौपाई का धार्मिक महत्व

हनुमान चालीसा की इस चौपाई के द्वारा तुलसीदास जी ने बजरंगबली की उत्पत्ति और महिमा का सुंदर वर्णन किया है।

शंकर सुवन केसरी नंदन- इस पंक्ति में बताया गया है कि बजरंगबली केवल एक वानर नहीं हैं, बल्कि वे पूरे ब्रह्मांड के कल्याणकर्ता और भगवान शिव के साक्षात अंश हैं। साथ ही समाज में उन्हें उनके पिता केसरी के नाम से भी पहचान मिली, इसलिए उन्हें 'केसरी नंदन' कहकर पुकारा गया है।

तेज प्रताप महा जग वंदन- इस पंक्ति का भाव यह है कि हनुमान जी ने अपने जीवन में ऐसे अद्भुत कार्य किए हैं, जिसके कारण उनकी महिमा पूरे ब्रह्मांड में फैल गई। उनके इस महान तेज और शौर्य के आगे देवता, दानव और मनुष्य सभी नतमस्तक हैं और पूरा जगत उनकी पूजा करता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।