विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Hanuman Chalisa: 'महावीर विक्रम बजरंगी...' इस चौपाई का पाठ करने से जीवन में आते हैं ये बदलाव, मिलती है सही दिशा

Published: Tue, 06 Oct 2026 10:01 AM (IST)

हनुमान चालीसा की तीसरी चौपाई 'महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी' का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ...और पढ़ें

बेहद शक्तिशाली है हनुमान चालीसा की यह चौपाई (Picture Credit: AI Generated)

बेहद शक्तिशाली है हनुमान चालीसा की यह चौपाई (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. हनुमान चालीसा की तीसरी चौपाई 'महावीर विक्रम बजरंगी' का महत्व।

  2. यह चौपाई बुरे विचारों और नकारात्मकता को दूर करने में सहायक।

  3. डर और घबराहट मिटाकर जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही बजरंगबली की कृपा से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

इस दिन पूजा के दौरान हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने का बहुत अधिक महत्व है। इसके पाठ से भक्त को जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं। हनुमान चालीसा की एक ऐसी चौपाई है, जिसका पाठ सच्चे मन से करने से जीवन में कई सकारात्मक और चमत्कारी बदलाव आते हैं। साथ ही रुके हुए काम भी पूरे होते हैं।
यह जानकर आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर हनुमान चालीसा की वह कौन-सी चौपाई है, जिसका पाठ करने से ऐसे शुभ फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

हनुमान चालीसा की तीसरी चौपाई

महावीर विक्रम बजरंगी
कुमति निवार सुमति के संगी॥

हनुमान चालीसा की तीसरी चौपाई का हिंदी अर्थ है कि हे बजरंगबली, आप अधिक पराक्रमी और बलवान हैं। आप मनुष्यों के बुरे विचारों को दूर करने वाले हैं और अच्छे विचारों, ज्ञान और विवेक का हमेशा साथ देने वाले हैं।

चौपाई के शब्दों का अर्थ

महावीर- महान वीर, अत्यंत बलवान।
विक्रम- महान पराक्रमी।
बजरंगी- वज्र के समान अत्यंत कठोर और मजबूत अंगों वाले।
कुमति- बुरी बुद्धि, नकारात्मक विचार, भ्रम या अज्ञानता।
निवार- दूर करने वाले या नाश करने वाले।
सुमति- अच्छी बुद्धि, ज्ञान, विवेक और सकारात्मक विचार।
के संगी- साथी, साथ देने वाले या मित्र।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित हनुमान चालीसा की यह तीसरी चौपाई अत्यंत शक्तिशाली और प्रेरणादायक है। यह हनुमान जी के शारीरिक बल और उनकी बौद्धिक कृपा दोनों को दर्शाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ करने से बुरे विचार दूर होते हैं और नकारात्मकता का नाश होता है। साथ ही सही दिशा में सोचने की क्षमता में वृद्धि होती है। इसके अलावा यह चौपाई डर और घबराहट को दूर करने में भी बहुत फलदायी साबित होती है।

यह भी पढ़ें- Hanuman Chalisa: 'राम दूत अतुलित बल धामा...' जीवन की हर परेशानी दूर करेगी यह चमत्कारी चौपाई, समझिए इसका अर्थ

यह भी पढ़ें- 'जय हनुमान ज्ञान गुन सागर'... हनुमान चालीसा की पहली चौपाई में छिपा है जीवन की सफलता का सबसे बड़ा मूलमंत्र

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।