Ganesh Chaturthi 2019: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस तिथि के मध्याह्न में भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 02 सितंबर दिन सोमवार को सुबह 9 बजकर 1 मिनट से प्रारम्भ हो रही है, जो 3 सितंबर को प्रात: 6 बजकर 50 मिनट तक है। मध्याह्न में चतुर्थी सोमवार 02 सितंबर को पड़ रही है, अत: 02 सितंबर को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी।

ज्योतिषाचार्य पं गणेश प्रसाद मिश्र बताते हैं कि इस दिन भूलकर भी चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए, अन्यथा वह व्यक्ति कलंक का भागी बनता है। इस कारण से इसे कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है। गणेश जी और चंद्रमा से जुड़ी एक घटना में इसका सार छिपा है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक दिन गणेश जी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को कहीं जा रहे थे। उसी दौरान दैवयोग से उनका एक पैर कीचड़ में फिसल गया। इस घटना को चंद्र देव ने देख लिया और गणेश जी पर हंस पड़ें।

चंद्र देव के इस व्यवहार से गणेश जी नाराज हो गए। उन्होंने क्रोधित होकर चंद्र देव को शाप दे दिया। उन्होंने कहा कि इस तिथि को जो भी व्यक्ति तुम्हारा दर्शन करेगा, उस पर कलंक लगेगा। गणेश जी के शाप की वजह से इस दिन कोई चंद्र देव का दर्शन नहीं करता है।

यदि भूलवश कोई इस तिथि को चंद्र देव का दर्शन कर ही लेता है तो इस दोष से मुक्ति का भी एक उपाय है। इस दिन उसे स्यमन्तक मणि की कथा सुनना चाहिए। यह कथा सुनने से व्यक्ति पर लगा कलंक मिट जाता है और वह दोषमुक्त हो जाता है।

Posted By: kartikey.tiwari

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