धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा से पहले जान लें ये जरूरी नियम, इस विधि से पूजन करने से होगी धन वर्षा
धनतेरस पर भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है, जो धन, सुख और समृद्धि लाती है। सही विधि और ...और पढ़ें

धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा से होगी धन की वर्षा, जानें सही विधि और दिशा (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
धनतेरस पर भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व।
कुबेर देव की पूजा के लिए उत्तर दिशा शुभ।
सही विधि से पूजन करने पर धन लाभ और समृद्धि।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में धनतेरस का पर्व धन, सुख-समृद्धि और आरोग्य का संदेश देता है। यह हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस दिन जहां एक तरफ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है, वहीं कुबेर देव की पूजा से भी जीवन में समृद्धि बनी रहती है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि के साथ कुबेर देव और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से कुबेर देव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
वहीं कुबेर जी की पूजा के लिए कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। यही नहीं अगर आप सही विधि से पूजा करते हैं, तो पूजा का दोगुना फल मिलता है।
धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा विधि
धनतेरस के दिन कुबेर देव की पूजा करने के लिए आप इस विधि का पालन करेंगे, तो पूजा का पूर्ण फल मिलेगा।
- सुबह सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल की अच्छी तरह से सफाई करें।
- सुबह की नियमित पूजा करने के बाद घर के मंदिर में मौजूद सभी भगवानों की प्रतिमा को स्नान कराएं और शाम के समय शुभ मुहूर्त में उत्तर दिशा में एक चौकी स्थापित करें।
- चौकी में लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और उसमें कुबेर देव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- इसके बाद भगवान कुबेर के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें फूल, अक्षत, चंदन, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
- पूजा के दौरान मां लक्ष्मी का भी ध्यान करें और उनका भी पूजन करें। यदि आप धनतेरस पर लक्ष्मी जी और भगवान कुबेर की एक साथ पूजा करेंगे, तो कभी भी धन और समृद्धि की कमी नहीं होगी।
- इस दिन आप पूजा के समय भगवान कुबेर के ॐ कुबेराय नमः मंत्र का जाप कम से कम 11 बार जरूर करें।
धनतेरस पर कुबेर जी की पूजा करने के लिए सबसे शुभ दिशा
धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा करते समय आपको दिशा का विशेष ध्यान देना चाहिए और भूलकर भी गलत दिशा में बैठकर पूजा नहीं करनी चाहिए। आइए जानें सही दिशा कौन सी है-
- यदि हम दिशा की बात करें तो कुबेर जी की पूजा के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर दिशा मानी जाती है, क्योंकि इसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए आप इसी दिशा में पूजा करें।
- यदि संभव न ही, तो आप उत्तर पूर्व या पूर्व दिशा में बैठकर भी कुबेर जी की पूजा कर सकते हैं।
- आपको भूलकर भी कुबेर जी की पूजा दक्षिण दिशा की तरफ मुख आकरके नहीं करनी चाहिए।
- उत्तर दिशा को कुबेर देव की दिशा ही माना गया है। इसी वजह से इस दिशा का संबंध सकारात्मक ऊर्जा, धन और आर्थिक लाभ से होता है। इसी वजह से घर की उत्तर दिशा को साफ, खुला और व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है।
अगर आप यहां बताई पूजा विधि से धनतेरस पर कुबेर जी की पूजा करेंगे, तो आपके लिए धन लाभ के साथ समृद्धि के योग भी बनेंगे।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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