Chhath Puja Vidhi 2020: आज मुख्य छठ पूजा है। आज शाम के समय में सूर्य देव तथा छठी मैया की पूजा की जाती है। इस व्रत को संतान प्राप्ति और संतान की मंगलकामना के लिए किया जाता है। यह सबसे कठिन व्रतों में से एक है। अगर आप भी छठ पूजा कर रहे हैं तो हम आपके लिए कुछ अहम जानकारियां लाए हैं। इस लेख में हम आपको छठ पूजा की व्रत विधि, शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और पूजा के समय की जानकारी दे रहे हैं।

छठ पूजा की व्रत विधि:

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन छठ पूजा होती है। इस दिन छठी मैया को पूजा जाता है। इस दिन ठेकुआ और कसार बनाया जाता है। जो पूजा का डाल बनाया जाता है उसे ही घाट पर ले जाया जाता है। फिर स्नान किया जाता है और उसके बाद व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देता है। साथ ही पूजा भी करता है। अर्घ्य देते समय दूध तथा गंगा जल का इस्तेमाल किया जाता है। मिट्टी और ईंट से बनी छठी मैया की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।

बांस की 3 बड़ी टोकरी, बांस या पीतल के बने 3 सूप, थाली, दूध और ग्लास, चावल, लाल सिंदूर, दीपक, नारियल, नाशपती, बड़ा नींबू, शहद, पान, साबुत सुपारी, कैराव, कपूर, चंदन हल्दी, गन्ना, सुथनी, सब्जी और शकरकंदी और मिठाई प्रसाद के रूप में ठेकुआ, मालपुआ, खीर-पुड़ी, सूजी का हलवा, चावल के बने लड्डू पूजा के लिए चाहिए होते हैं। इसके बाद बांस की टोकरी में सभी जरूरी सामग्री रख लें। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देते समय जितना भी प्रसाद है उसे सूप में रखें। फिर सूप में दीपक जलाएं। इसके बाद ही नदी में उतरा जाता है और सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है।

छठ पूजा 2020 मुहूर्त:

संध्या सूर्य अर्घ्य: 20 नवंबर, दिन शुक्रवार, सूर्योदय: 06:48 बजे और सूर्यास्त: 05:26 बजे।

डिसक्लेमर

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