राधा अष्टमी पर 'राधे-राधे' से गूंजेगा ब्रज, श्री लाडली जी मंदिर से निधिवन तक, इन 4 जगहों पर रहती है खास रौनक
19 सितंबर को राधा अष्टमी का पर्व देशभर में उत्साह से मनाया जाएगा, खासकर ब्रज में। इस दिन बरसाना के ...और पढ़ें

बरसाना में है राधा रानी का मंदिर (Picture Credits- AI Images)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 19 सितंबर को देशभर में बहुत ही उत्साह के साथ राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन राधा रानी की कृपा प्राप्त करने के लिए अधिक शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन राधा रानी की पूजा करने से भक्त को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है और किशोरी जी की विशेष कृपा मिलती है।
इस दिन ब्रज के मंदिरों में बहुत ही रौनक देखने को मिलती है। इस पर्व के लिए बरसाने के राधा रानी मंदिर समेत कई अन्य मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु राधा रानी के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं।
अगर आप भी इस बार राधा अष्टमी पर ब्रज के मंदिर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आइए इस आर्टिकल में हम आपको ब्रज के कुछ ऐसे प्रमुख मंदिरों के बारे में बताते हैं, जहां राधा अष्टमी के दिन भक्तों में खास उत्साह देखने को मिलता है। इन मंदिरों में जाने पर आपको अद्भुत सुकून मिलेगा और पूरा ब्रज 'राधे-राधे' के जयकारों से गूंजता हुआ महसूस होगा।
श्री राधा रानी मंदिर, बरसाना
बरसाना के श्री राधा रानी मंदिर में राधा अष्टमी का उत्सव बहुत ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त में राधा रानी का अभिषेक किया जाता है और विशेष आरती की जाती है। मंदिर परिसर में राधा रानी के जन्म की बधाई के लिए पारंपरिक भजन गाए जाते हैं। इसके अलावा उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। पूरे मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है। इस दिन लाडली जी के दर्शन करने के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं।
प्रेम मंदिर, वृंदावन
वृंदावन में स्थित प्रेममंदिर श्री राधा-कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर में राधा अष्टमी के दिन भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस अवसर पर मंदिर में राधा नाम के संकीर्तन और भजन सुनने को मिलते हैं। आपको बता दें कि यह मंदिर इटालियन संगमरमर से बना हुआ है, जो रात की रोशनी में बेहद मनमोहक दिखाई देता है। इस मंदिर की दीवारों पर गोवर्धन लीला, रासलीला और कालिया नाग दमन जैसी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की खूबसूरत नक्काशी की गई है।
निधिवन, वृंदावन
धार्मिक मान्यता के अनुसार, निधिवन में रात के समय भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी महारास रचाते हैं। इसी वजह से रात के समय निधिवन में किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। शाम होते ही मंदिर को बंद कर दिया जाता है। मान्यता है कि निधिवन के पेड़ों की डालियों को ही राधा-कृष्ण का स्वरूप माना जाता है। राधा अष्टमी के अवसर पर निधिवन में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
श्री राधा रमण मंदिर, वृंदावन
वृंदावन में श्री राधा रमण मंदिर केशव घाट के पास राधा रमण बाजार क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और किशोरी जी को समर्पित है। इस मंदिर में राधारानी की अलग से कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के पास उनका मुकुट रखा जाता है। मान्यता के अनुसार, राधा और कृष्ण एक ही स्वरूप में समाहित हैं। राधा अष्टमी के दिन इस मंदिर में भी खास रौनक और भक्तिमय माहौल देखने को मिलता है।
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