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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rameshwaram Jyotirlinga: रामेश्वरम मंदिर में दर्शन करने मात्र से मिलती हैं ब्रह्म हत्या जैसे पापों से मुक्ति

By Shivani SinghEdited By: Shivani Singh
Published: Thu, 16 Feb 2023 12:47 PM (IST)

Rameshwaram Jyotirlinga तमिलनाडु में स्थित रामेश्वरम मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि इस ...और पढ़ें

Rameshwaram Jyotirlinga: रामेश्वरम मंदिर में दर्शन करने मात्र से मिलती हैं ब्रह्म हत्या जैसे पापों से मुक्ति
Rameshwaram Jyotirlinga: रामेश्वरम मंदिर में दर्शन करने मात्र से मिलती हैं ब्रह्म हत्या जैसे पापों से मुक्ति

नई दिल्ली, Mahashivratri Rameshwaram Jyotirlinga: दक्षिण भारत में तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में रामेश्वरम मंदिर स्थिति है। इस मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। रामेश्वरम मंदिर को हिंदुओं के पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। यह मंदिर बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के चारों ओर से घिरा हुआ है। रामेश्वरम मंदिर जाने के लिए  कंक्रीट के 145 खंभों पर टिका सौ साल पुराने पुल से ट्रेन के द्वारा जाया जाता है। रामेश्वरम मंदिर ज्योतिर्लिंग होने के साथ-साथ द्रविड़ शैली और अपनी शिल्प कला के कारण विश्व प्रसिद्ध है। जानिए रामेश्वरम मंदिर के बारे में सब कुछ।

रामेश्वरम मंदिर की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम जब 14 वर्ष का वनवास पूरा करके और लंका पति रावण का वध करके मां सीता के साथ आए, तो ऋषि-मुनियों ने उनसे कहा कि उनपर ब्राह्मण हत्या का पाप लगा है। इसलिए इस पाप से मुक्त होने के लिए रामेश्वरम में स्नान करने के साथ शिवलिंग स्थापना का विचार किया। ऐसे में उन्होंने भगवान हनुमान को कैलाश से शिवलिंग लाने के लिए भेजा। लेकिन हनुमान जी काफी देर तक वापस नहीं लौटे। ऐसे में माता सीता ने रेत के द्वारा समुद्र के किनारे शिवलिंग की स्थापना की। स्थापना करने के बाद हनुमान जी भी आ गए। ऐसे में कैलाश से लाएं गए शिवलिंग को भी वहीं पर स्थापित कर दिया गया। ऐसे में माता सीता द्वार बनाए लिंग को 'रामलिंग' और हनुमान जी द्वारा लाए गए लिंग को 'विश्वलिंग' कहा गया। इसके बाद भगवान राम से रामेश्वरम के पास स्नान करके शिवलिंग की विधिवत पूजा की। इसके बाद उन्हें ब्रह्म हत्या से निजात मिल गई।  आज भी रामेश्वरम मंदिर में दोनों शिवलिंग विराजमान है।  

रामेश्वरम मंदिर की खास बातें

  • बता दें कि रामेश्वरम मंदिर करीब 1000 फुट लंबा और करीब 650 फुट चौड़ा है। इस मंदिर में 40 फुट ऊंचे दो पत्थर इतनी बराबरी के साथ लगाए गए हैं।
  • रामेश्वरम मंदिर का गलियारा भी विश्व प्रसिद्ध है। बता दें कि उत्तर से दक्षिण में 197 मीटर, पूर्व से पश्चिम 133 मीटर लंबा है।
  • रामेश्वरम मंदिर को बनाने के लिए पत्थरों को नाव के द्वारा श्रीलंका से लाया गया था।

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रामेश्वरम मंदिर का खुलने और बंद होने का समय  

बता दें कि तमिलनाडु राज्य में स्थित रामेश्वरम मंदिर सुबह 4 बजकर 30 मिनट में खुलता है और  दोपहर 1:00 बजे बंद हो जाता है। इसके बाद पुनः दोपहर 3:00 बजे खुलता है और रात 9:00 बजे बंद हो जाता है। 

Pic Credit- Instagram/ananta_mahakal_23

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