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    Lalbaugcha Raja Darshan 2024: बेहद मनमोहक है लालबागचा राजा का स्वरूप, जानें बप्पा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

    Updated: Sun, 08 Sep 2024 01:04 PM (IST)

    धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश का अवतरण हुआ था। इस खास अवसर पर लोग घरों में गणपति बप्पा को विरजमान करते हैं। वहीं अनंत चतुर्दशी तक लालबागचा राजा ( Lalbaugcha Raja 2024 Importance) के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है। चलिए जानते हैं लालबागचा राजा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में।

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    Lalbaugcha Raja: देशभर में प्रसिद्ध हैं लालबागचा राजा

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल देशभर में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2024) का पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। इसी दिन से इस त्योहार की शुरुआत  होती है। वहीं, इसका समापन भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होता है। इस शुभ तिथि पर अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दौरान देशभर के गणेश पंडालों में खास रौनक देखने को मिलती है, लेकिन मुंबई में लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja Pandal in Mumbai) बहुत ही प्रसिद्ध हैं। लालबागचा राजा के पंडाल में अधिक संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपने आराध्य के दर्शन का लाभ उठाते हैं। आइए जानते हैं कैसा है लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja Darshan 2024) का स्वरूप?

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    कैसा है लालबागचा राजा स्वरूप?

    लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja Look) की अनंत चतुर्दशी तक विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही उनको प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। लालबागचा राजा का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन गिरगांव चौपाटी में विधिपूर्वक किया जाएगा। लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja significance)का स्वरूप बहुत ही मनमोहक है। लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja 2024 theme) की मूर्ति 18 से 20 फीट ऊंची है। इनके मुख को पतला बनाया जाता है। वह सिंहासन पर विराजमान हुए दिखते हैं। लालबागचा राजा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

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    लालबागचा राजा का इतिहास (Lalbaugcha Raja History)

    गणेश उत्सव के दौरान लालबागचा राजा की मूर्ति की स्थापित करने की परंपरा वर्ष 1934 से निभाई जा रही है। लालबागचा राजा को नवसाचा गणपति के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान गणेश का यह स्वरूप साधक की सभी मुरादें पूरी करने वाला होता है। इसी वजह से लालबागचा राजा को मन्नत का राजा कहा जाता है।  

    लालबागचा राजा दर्शन टाइमिंग (Lalbaugcha Raja Darshan Timing)

    • लालबागचा राजा के दर्शन श्रद्धालु सुबह 05 बजे से लेकर रात 11 बजे तक कर सकते हैं।
    • लालबागचा राजा की पूजा सुबह 06 बजे से लेकर 07 बजे तक होगी।  
    • दोपहर में उपासना 01 बजे से लेकर 02 बजे तक होगी।  
    • संध्याकाल में पूजा 07 बजे से लेकर 08 बजे तक होगी।  
    • सुबह की आरती 7 बजे, दोपहर की आरती 01 बजे और शाम की आरती 07 बजे होगी।

     

    घर बैठे कैसे करें लालबागचा राजा के दर्शन (Lalbaugcha Raja Live Streaming)

    अगर आप किसी वजह से लालबागचा राजा के दर्शन करने के लिए मुंबई नहीं आ पा रहे हैं, तो ऐसे लोगों के लिए लालबाग सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा प्रदान करता है। इसके लिए आप लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा दर्शन का लाभ उठा सकते हैं।

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    अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।