विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारत का इकलौता मंदिर, जहां भगवान से मन्नत नहीं 'माफी' मांगी जाती है... जानिए 3 टुकड़ों में बंटे शिवलिंग का सच

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:00 PM (IST)

राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्थित गौतमेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक अनूठा स्थल है, जहां खंडित शिवलिंग की पूजा होती है। यह मंदिर आदिवासियों का हरिद्वार कहलाता है।

मोक्ष प्रमाण पत्र जारी करने वाला मंदिर

मोक्ष प्रमाण पत्र जारी करने वाला मंदिर

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत के राजस्थान राज्य के प्रतापगढ़ में स्थित गौतमेश्वर महादेव मंदिर, जो अपने आप में एक खास आध्यात्मिक स्थल होने के साथ मोक्ष प्रदान करने के लिए भी जाना जाता है।

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है, जिसके चारों ओर हरियाली होने के साथ मंदिर के शिखर से एक झरना बहता है। हिंदू धर्म में खंडित मूर्ति, शिवलिंगों और चित्रों की पूजा करना शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन गौतमेश्वर मंदिर में तीन भागों में खंडित शिवलिंग की पूजा की जाती है।

खंडित शिवलिंग से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक, कहा जाता है कि जब मोहम्मद गजनवी हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचते हुए गौतमेश्वर शिवालय पहुंचा, तो उसने गौतमेश्वर महादेव शिवलिंग को तोड़ने की भी कोशिश की।

जब उसने पहली बार शिवलिंग पर वार किया, तो शिवलिंग पर दूध की धारा निकली, दूसरे वार पर दही और जब गजनवी ने तीसरी बार प्रहार किया तो शिवलिंग से मधुमक्खियों का झुंड निकला जिसने गजनवी और उसकी सेना को पीछे करने पर मजबूर कर दिया।

आदिवासियों का हरिद्वार

गौतमेश्वर महादेव मंदिर को आदिवासियों का हरिद्वार भी कहा जाता है। इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि, यहां मोक्षदायिनी कुंड है जिसे मंदाकिनी कुंड के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस कुंड में नहाने से सभी पाप धुल जाते हैं। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के द्वारा मोक्ष का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है।

गौतमेश्वर मंदिर के बारे में कहा जाता है कि, सप्तऋषियों में से एक ऋषि गौतम जब गौ हत्या के पाप से कलंकित हो गए थे, तब गौतम ऋषि ने मंदाकिनी कुंड में स्नान करके गौ हत्या के पाप प्राश्चित किया था।

तभी से स्थानीय लोगों का मानना है कि, जिस तरह ऋषि को इस मंदाकिनी कुंड में स्नान करने से पाप से मुक्ति मिली, उसी तरह उन्हें भी कुंड में स्नान करने से पाप से छुटकारा मिल जाता है। गौतमेश्वर महादेव मंदिर में निर्मित इस कुंड का पानी आज तक खत्म नहीं हुआ है।

एक रुपये में पाप मुक्ति का प्रमाण पत्र हासिल करें

गौतमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आदिवासियों का एक पुराना न्यायालय भी है। मंदिर परिसर में स्थित न्यायालय द्वारा औपचारिक रूप से मुद्रित और मुहर लगी पाप मुक्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसके लिए करीब 11 रुपये का भुगतान किया जाता है।

यह देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भक्तों को मोक्ष का प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के श्रद्धालु वैशाख माह में प्रसिद्ध गौतमेश्वर महादेव मंदिर में आते हैं। इन राज्यों से आने वाले लाखों श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक परिसर में स्थित कुंड में स्नान करके अपने पाप को धोते हैं और इस कुंड को गंगाजल के समान पवित्र मानकर अपने साथ ले जाते हैं।

यह भी पढ़ें- दिन में 8 बार बदले जाते हैं वस्त्र और श्रृंगार, 7 साल के 'बाल कृष्ण' का ऐसा है यह अनोखा धाम

यह भी पढ़ें- गर्भधारण से सुरक्षित प्रसव तक: तमिलनाडु के इस प्राचीन मंदिर का घी और तेल प्रसाद क्यों है इतना खास?

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।