उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर में हैं चमत्कारी गणपति बप्पा, यहां का रक्षासूत्र बांधने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
उज्जैन का बड़ा गणेश मंदिर भगवान महाकाल मंदिर के पास स्थित है, जहां 18 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा है। यहां ...और पढ़ें

उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर का महत्व जानें। (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
महाकाल मंदिर के पास स्थित है बड़ा गणेश मंदिर।
यहां भगवान गणेश की 18 फीट ऊंची प्रतिमा है।
रक्षासूत्र बांधने से भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी होने के साथ-साथ कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों के लिए भी जाना जाता है। इन्हीं में से एक है बड़ा गणेश मंदिर, जो श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास ही स्थित है। इस मंदिर में भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा स्थापित है। माना जाता है कि यहां सच्चे मन से गणपति बप्पा के दर्शन करने और रक्षासूत्र बंधवाने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वैसे तो पूरे वर्ष भर ही इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है, मगर गणेश उत्सव के दौरान यहां पर भक्तों की बप्पा से मिलने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगती हैं।
इस मंदिर की से जुड़े कुछ विशेष तथ्य चलिए हम आपको बताते हैं, जो आपको भी मंदिर में एक बार आकर गणपति के दर्शन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
18 फीट ऊंची है भगवान गणेश की प्रतिमा
बड़ा गणेश मंदिर की सबसे खास बात यहां स्थापित भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा करीब 18 फीट ऊंची बताई जाती है। उज्जैन आने वाले कई श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के बाद बड़ा गणेश मंदिर में विघ्नहर्ता का आशीर्वाद लेने जरूर आते हैं।
खास सामग्री से बनी है गणपति बप्पा की प्रतिमा
बड़ा गणेश मंदिर की प्रतिमा से जुड़ी एक खास मान्यता यह भी है कि भगवान गणेश की इस विशाल प्रतिमा को सीमेंट से नहीं बनाया गया है। इसे गुड़, मेथी दाने, ईंट, चूना और सात पवित्र नगरों की मिट्टी जैसी सामग्री के मिश्रण से तैयार किया गया है। इस प्रतिमा को देखकर लगता है, मानो असल के श्री गणेश के दर्शन हो गए हों।
रक्षासूत्र बांधने की है विशेष मान्यता
बड़ा गणेश मंदिर में दर्शन के बाद रक्षासूत्र या मन्नत का धागा बंधवाने की परंपरा भी है। श्रद्धालु लाल और पीले रंग का रेशमी रक्षासूत्र अपनी कलाई पर बंधवाते हैं। मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता के अनुसार यह रक्षासूत्र भगवान गणेश के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। भक्त अपनी मनोकामना लेकर यहां आते हैं और बप्पा के सामने प्रार्थना करने के बाद रक्षासूत्र बंधवाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे भगवान गणेश भक्तों के विघ्न दूर करते हैं और उनकी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद देते हैं।
रक्षासूत्र के लिए नहीं लिया जाता कोई शुल्क
इस मंदिर से जुड़ी एक और खास बात यह बताई जाती है कि यहां रक्षासूत्र बांधने के लिए श्रद्धालुओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान गणेश की पूजा करते हैं और रक्षासूत्र बंधवाते हैं।
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