Budh Gochar 2025: 22 जून को बुध देव कर्क राशि में करेंगे गोचर, जानिए मेष और वृषभ वालों पर क्या होगा असर
बुद्धि, तर्क और संवाद के कारक ग्रह बुध देव 22 जून 2025 को भावनाओं से जुड़ी कर्क राशि में गोचर करेंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्रदेव हैं, और यह एक जल तत्व की राशि मानी जाती है। इस गोचर से बुध देव में एक सहज और संवेदनशील ऊर्जा का संचार होगा। ऐसे में चलिए ऐस्ट्रॉलजर आनंद सागर पाठक जी (astropatri.com) से जानते हैं इस बारे में।

Budh Gochar 2025 बुध गोचर का मेष और वृषभ राशि पर प्रभाव।
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 22 जून 2025 को बुध देव का कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी-न-किसी रूप में पड़ सकता है। जहां कुछ राशि के जातकों को अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिल सकता है, तो वहीं कुछ जातकों के लिए यह गोचर परेशानियां भी लेकर आ सकता है।
मेष राशि – बुध का गोचर 22 जून 2025
बुध देव आपके तृतीय और षष्ठम भाव के स्वामी हैं। इस समय चतुर्थ भाव में विराजमान होकर दशम भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं।
बुध देव के चतुर्थ भाव में गोचर से पारिवारिक जीवन पर विशेष ध्यान जाएगा। घर में आपसी बातचीत बढ़ेगी। पुराने भावनात्मक विषयों पर मन मंथन करेगा। चूंकि बुध देव आपके तृतीय भाव (संचार, भाई-बहन, कौशल) और षष्ठम भाव (कर्म, स्वास्थ्य, दिनचर्या) के स्वामी भी हैं, इसलिए यह गोचर व्यावहारिक सोच और समाधानपरक बातचीत को बढ़ावा देगा। इस समय परिजनों से दोबारा जुड़ने, घरेलू विवाद सुलझाने और अपने निवास स्थान में सुधार की योजना बनाने के लिए उत्तम रहेगा। आप पुरानी यादों में खो सकते हैं या वर्षों पुराने मुद्दों को समझदारी और सहानुभूति से सुलझा सकते हैं।
साथ ही, बुध देव की दृष्टि आपके दशम भाव (करियर) पर भी है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से कार्यक्षेत्र से जुड़ी बातें भी मन में चलेंगी। यह स्थिति वर्क फ्रॉम होम के लिए अनुकूल रह सकती है। परिवार के साथ करियर को लेकर योजनाएं बन सकती हैं। शिक्षा, पोषण या परामर्श से जुड़ा कोई नया करियर विकल्प भी सामने आ सकता है। कार्यस्थल पर आपकी संवाद शैली अधिक रणनीतिक और सहानुभूतिपूर्ण बनेगी, जिससे आपको पहचान मिल सकती है। बस ध्यान रखें कि भावनाओं में बहकर कोई प्रतिक्रिया न दें। अपने संवाद से घरेलू आवश्यकताओं और करियर के बीच संतुलन बनाने में सफल रहेंगे।
वृषभ राशि – बुध का गोचर 22 जून 2025
बुध देव आपके द्वितीय और पंचम भाव के स्वामी हैं। इस समय तृतीय भाव में विराजमान होकर नवम भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं।
वृषभ राशि वालों के लिए बुध देव का यह गोचर तृतीय भाव (संचार, यात्रा, भाई-बहन) में हो रहा है। छोटे-छोटे यात्राओं से लाभ के संकेत हैं। भाई-बहनों से सहयोग मिलने के भी योग हैं। यह समय आपके बौद्धिक कौशल को निखारेगा और दूसरों से जुड़ने, अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने की प्रेरणा देगा।
चूंकि बुध देव आपके द्वितीय भाव (आय, मूल्य) और पंचम भाव (रचनात्मकता, प्रेम, संतान) के स्वामी भी हैं, इसलिए यह गोचर आर्थिक मामलों में स्पष्टता और आत्मविश्वास लाएगा। रचनात्मक प्रोजेक्ट्स में सफलता मिल सकती है। इस समय आप छोटी यात्राएं कर सकते हैं, जो आपको रचनात्मक रूप से प्रेरित करेंगी। भाई-बहनों या साथियों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करने के लिए भी यह श्रेष्ठ समय है।
बुध देव की दृष्टि नवम भाव (धर्म, उच्च शिक्षा, लंबी यात्राएं) पर पड़ने से आपका दृष्टिकोण और गहराई से विकसित होगा। इस समय दार्शनिक चर्चाओं का लाभ मिल सकता है। आध्यात्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। कोई नया कौशल सीखने का भी उत्तम समय है। विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं। इस दौरान आप व्यक्तिगत विकास के किसी रचनात्मक लक्ष्य से जुड़ सकते हैं। आपकी बातचीत और अनुभव आपके विश्वास को और स्पष्ट करेगी। जीवन की दिशा को लेकर नई सोच विकसित हो सकती है। ध्यान रखें कि अपने विचारों को सही सिद्ध करने के लिए जिद्दी न हों। जितनी अधिक खुली सोच रखेंगे, उतनी ही अधिक सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।
यह राशिफल श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com द्वारा लिखा गया है। अपने सुझाव और प्रतिक्रियाओं के लिए आप उन्हें hello@astropatri.com पर ईमेल कर सकते हैं।
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