कुछ किताबें सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, वे सोचने का तरीका बदल देती हैं। आचार्य प्रशांत की किताबों को लेकर यही बात कही जाती है, क्योंकि उनका लिखा हुआ Self Help के पार जाकर आत्मचिंतन और जीवन से जुड़े प्रश्नों तक पहुंचता है। Acharya Prashant अपने लेखन में वेदान्त, रिश्तों, डर और मन की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर बात करते हैं। अगर कोई Vedanta को सरल भाषा में समझना चाहता है, तो प्रशांत जी की किताबें उपयोगी हो सकती हैं जो दार्शनिक होने के साथ व्यव्हारिक ज्ञान भी देती हैं। वहीं रिश्तों पर लिखी गई पुस्तकें सिर्फ रिश्तों की सलाह नहीं देतीं, बल्कि जुड़ाव, अहंकार और संबंधों की समझ पर सवाल उठाती हैं। यही वजह है कि उनके पाठकों के बीच वेदान्त, संघर्ष अपने विरुद्ध और विद्यार्थी जीवन जैसी किताबें अक्सर चर्चा में रहती हैं।
जागरण स्मार्ट चॉइस पर पढ़ें ऐेसे ही और लेख।
नीचे देखें अचार्य प्रशांत की लिखी 5 शानदार किताबें और जानें उनके बारे में विस्तार से।
