जानिए घर पर आसानी से Ram Navami 2026 पूजा करने की सही विधि और सामाग्री लिस्ट

Ram Navami 2026 का पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे में अगर आप भी इस राम नवमी पर घर पर ही सरल और सही विधि से पूजा करना चाहते हैं, तो यहां हमने आपको इसी विस्तार से जानकारी दी है और पूजा में लगने वाली सामग्री के बारे में भी बताया है।
राम नवमी 2026
राम नवमी 2026

Ram Navami 2026: नवरात्रि के 9वें दिन को राम नवमी के नाम से जाना जाता है और पूरे देश में भक्ति भाव से पूजा-पाठ किया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, राम नवमी के दिन घर में श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और परिवार में प्रेम व खुशहाली बनी रहती है। लेकिन कई लोग इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि मंदिर या पंडित जी के बिना घर पर पूजा कैसे की जाए? तो आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि आप बहुत ही कम सामग्री और आसान विधि से घर पर ही विधि-विधान से पूजन संपन्न कर सकते हैं।

आइए जानते हैं घर पर राम नवमी की पूजा करने की सबसे सरल विधि क्या है।

Ram Navami 2026: घर पर पूजा करने की आसान विधि

राम नवमी के दिन भगवान श्री राम का जन्मोत्सव दोपहर 12 बजे के आसपास मनाया जाता है। ऐसे में अगर आप घर पर ही आसान तरीके से पूजा संपन्न करना चाहते हैं, तो नीचे Step by Step Ram Navami Puja Vidhi at Home को देख सकते हैं।

  • सफाई और स्नान: राम नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह से सफाई करें। इसके बाद स्नान करके साफ और पवित्र वस्त्र पहनें।
  • पूजा की चौकी और स्थापना: पूजा घर में एक लकड़ी की चौकी रखें और उस पर लाल या पीला साफ कपड़ा बिछाएं। चौकी पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
  • संकल्प और जलाभिषेक: हाथ में थोड़ा सा जल और चावल लेकर भगवान राम के सामने अपनी पूजा और व्रत का मन ही मन संकल्प लें। इसके बाद गंगाजल मिले जल से भगवान की मूर्ति या तस्वीर पर छींटे मारकर उन्हें स्नान कराएं।
  • श्रृंगार और तिलक: भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी को रोली व चंदन का तिलक लगाएं और माता सीता को कुमकुम का तिलक लगाएं। इसके बाद भगवान को पीले फूल, तुलसी पत्र, माला, अक्षत और वस्त्र या कलावा अर्पित करें।
  • दीपक और धूप जलाना: चौकी के सामने शुद्ध देसी घी का दीपक और धूपबत्ती जलाएं। भगवान राम को तुलसी बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा की सामग्री में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।
  • भोग और जन्मोत्सव: दोपहर 12 बजे भगवान को पंजीरी, पंचामृत, फल, खीर और सूजी के हलवे का भोग लगाएं। ध्यान रखें कि भगवान राम के हर भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें।
  • पाठ और मंत्र जाप: पूजा के दौरान 'ॐ श्री रामाय नमः' या 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र का जाप करें। इसके अलावा रामचरितमानस के बालकांड का पाठ या श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।
  • आरती और क्षमा प्रार्थना: पूजा के अंत में पूरे परिवार के साथ मिलकर कपूर जलाकर श्री रामचंद्र जी की आरती गाएं। आरती के बाद हनुमान जी की भी आरती करें। अंत में पूजा में हुई किसी भी अनजाने भूल-चूक के लिए हाथ जोड़कर भगवान से क्षमा मांगें और सभी में प्रसाद बांटें।

नीचे देखें राम नवमी की पूजा में उपयोग होने वाली सामग्रियां

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  • Handicrafts Paradise 4 x 4 Inch Marble Pooja Chowki

    यह 4x4 इंच की सुंदर संगमरमर से बनी पूजा चौकी है, जिस पर बेहद बारीक कुंदन स्टोन वर्क और रॉयल फ्लोरल डिजाइन किया गया है। राम नवमी की पूजा के समय भगवान की मूर्ति या कलश की स्थापना के लिए एक पवित्र और ऊंची जगह की आवश्यकता होती है। यह खूबसूरत चौकी आपके मंदिर या पूजा स्थल को एक बहुत ही भव्य और राजसी रूप देगी। राम नवमी के पावन अवसर पर इस चौकी के ऊपर भगवान श्री राम या राम दरबार की मूर्ति स्थापित करना बेहद शुभ माना जाता है। संगमरमर का शुद्ध सफेद रंग और उस पर बनी रंग-बिरंगी कारीगरी पूजा के माहौल को और भी भक्तिमय बना देती है। इसके अलावा, यह आकार में छोटी और मजबूत है, जिसे आप घर के मंदिर में आसानी से रख सकते हैं।

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  • Velvet Pooja Cloth Aasan for Mandir

    यह गहरे लाल रंग का मखमली पूजा आसन है, जिसके चारों तरफ सुंदर सुनहरी बॉर्डर बनी हुई है। इसका 24x24 इंच का बड़ा साइज आपके घर के मंदिर, पूजा की चौकी या कलश स्थापना के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। हिंदू धर्म में किसी भी बड़े पूजन, विशेषकर राम नवमी पर भगवान के सिंहासन या चौकी पर लाल रंग का पवित्र वस्त्र बिछाने की परंपरा है। यह लाल आसन ना केवल चौकी की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि पूजा स्थल को शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। इसमें आपको 2 कपड़ों का सेट मिलता है, जिससे आप एक कपड़ा चौकी पर बिछा सकती हैं और दूसरे का उपयोग पूजा की सामग्री रखने या भगवान के वस्त्र के रूप में कर सकती हैं। इसका मखमली कपड़ा देखने में बेहद प्रीमियम और शाही लगता है।

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  • ESPLANADE Ram Darbar with Ram

    यह 18 इंच की बड़ी और भव्य राम दरबार की मूर्ति है, जिसमें भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और संकटमोचन हनुमान जी एक साथ विराजमान हैं। उच्च गुणवत्ता वाले रेजिन मटेरियल से बनी यह मूर्ति बेहद सुंदर और चमकीले बहुरंगी फिनिश में आती है। राम नवमी का त्योहार सीधे तौर पर भगवान श्री राम के जन्मोत्सव से जुड़ा है, इसलिए इस दिन घर में राम दरबार की स्थापना और पूजन करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बड़ी और आकर्षक मूर्ति को अपने पूजा घर में स्थापित करके जब आप राम नवमी पर धूप, दीप, फूल और तुलसी पत्र अर्पित करेंगी, तो ऐसा लगेगा मानो साक्षात प्रभु का आशीर्वाद आपके घर में उतर आया हो।

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  • Esplanade Brass Kalash for Pooja

    यह 4.5 इंच का 100% शुद्ध पीतल से बना हुआ नक्काशीदार पूजा लोटा यानी कलश है। इस पर की गई बारीक नक्काशी इसे बेहद आकर्षक बनाती है। राम नवमी की पूजा की शुरुआत हमेशा मंगल कलश की स्थापना से होती है। इस पीतल के कलश में शुद्ध जल, गंगाजल, अक्षत और सिक्का रखकर, इसके ऊपर आम के पत्ते और नारियल स्थापित किया जाता है। पीतल को पूजा-पाठ के लिए सबसे पवित्र धातु माना गया है, जो वातावरण को शुद्ध करने में मदद करती है। राम नवमी के दिन इस कलश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य का आगमन होता है। पूजा समाप्त होने के बाद इस कलश के जल को पूरे घर में छिड़कना बहुत शुभ माना जाता है।

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  • GOMUKH Gangajal 5000ml The Purest Holy Water Directly From Gangotri Valley

    यह 5 लीटर का गोमुख ब्रांड का शत-प्रतिशत शुद्ध और पवित्र गंगाजल है, जो सीधे गंगोत्री घाटी से लाया गया है और उत्तराखंड सरकार द्वारा स्वीकृत है। सनातन धर्म में किसी भी पूजा-पाठ, विशेषकर राम नवमी जैसे बड़े पर्व में गंगाजल की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। राम नवमी की पूजा शुरू करने से पहले पूरे घर और पूजा सामग्री पर इस गंगाजल से छिड़काव करके शुद्धि की जाती है। इसके अलावा, भगवान श्री राम, माता सीता और राम दरबार की मूर्तियों का जलाभिषेक और पंचामृत तैयार करने के लिए इस पवित्र जल का ही उपयोग किया जाता है। 5 लीटर की बड़ी कैन होने के कारण यह आपकी पूरे नवरात्रि और राम नवमी के सभी धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पर्याप्त रहता है।

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Faq's

  • राम नवमी 2026 की सही तारीख और दिन क्या है?
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    शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन को शारदीय राम नवमी या महानवमी कहते हैं, जो वर्ष 2026 में 19 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को मनाई जा रही है।
  • राम नवमी की पूजा का सबसे शुभ मध्याह्न मुहूर्त क्या है?
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    भगवान राम के जन्मोत्सव की पूजा का सबसे शुभ मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:13 बजे से दोपहर 1:41 बजे तक रहेगा, जिसमें प्रभु के जन्म का समय दोपहर 12:27 बजे रहेगा।
  • क्या राम नवमी और चैत्र नवरात्रि नवमी एक ही दिन है?
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    जी हां, नवरात्रि के नौवें दिन ही भगवान श्री राम का जन्म हुआ था, इसलिए नवरात्रि का समापन और राम जन्मोत्सव दोनों एक ही दिन मनाए जाएंगे।
  • राम नवमी के व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या वर्जित है?
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    व्रत में फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू का आटा, मेवे और सेंधा नमक खा सकते हैं। जबकि अनाज, लहसुन, प्याज, दालें और साधारण नमक खाना वर्जित माना जाता है।
  • राम नवमी के दिन घर पर कौन-सा मंत्र या पाठ करना सबसे शुभ होता है?
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    इस दिन श्री राम जय राम जय जय राम या ॐ श्री रामाय नमः मंत्र का जाप करना और रामचरितमानस के बालकांड या श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है।