संवाद सूत्र, उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में एक ऐसे विवाहित युवक की कोरोना वैक्सीन का झांसा देकर नसबंदी करा दी गई, जो न केवल अपने परिवार का इकलौता बेटा है बल्कि उसकी कोई संतान भी नहीं है। भूपालपुरा थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रतापनगर गुरुद्वारा के समीप रहने वाले 23 वर्षीय युवक कैलाश पुत्र बाबू लाल गमेती के साथ यह घटना हुई है। गत वर्ष 29 दिसंबर की सुबह वह शहर की बेकनी पुलिया के समीप मजदूरी के लिए खड़ा था, तभी वहां हिरणमगरी सेक्टर पांच निवासी नरेश चावत आया और उसने दो हजार रुपये दिलाने का लालच देकर उसे कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कहा। दो हजार रुपये मिलने के लालच में आकर वह उसके साथ वैक्सीन लगवाने चला गया।

इंजेक्शन लहते ही हो गया बेहोश

भूपालपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में वह उसे ले गया तथा वहां उसे एक इंजेक्शन लगाया गया और उसके बाद वह बेहोश हो गया। बाद में जब उसे होश में आया तो वह उसे उसकी बहन के घर छोड़ गया और 1100 रुपये देकर दे गया। वहां जाकर उसे पता चला कि उसका नसबंदी का आपरेशन करा दिया गया। इसकी जानकारी उसे और परिजनों को लगी तो सारे लोग परेशान हो गए। कैलाश के पिता बाबूलाल गमेती का कहना है कि उनके परिवार में कैलाश ही इकलौता बेटा है। उसकी शादी पिछले साल हुई थी और अभी तक उसके कोई संतान नहीं है। इसके बाद वह भूपालपुरा थाने में पहुंचे तथा नरेश के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी है। साथ ही संबंधित अस्पताल से नसबंदी का रिकार्ड जुटाने की कोशिश कर रही है।

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 301 नए संक्रमित मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा 192 जयपुर जिले में मिले हैं। वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 1247 है। शनिवार को उपचार के बाद 17 पीड़ित स्वस्थ हुए हैं। नवंबर की तुलना में दिसंबर में कोरोना (डेल्टा) के मामले चार गुना और मौत आठ गुना बढ़ गई है। नवंबर में कुल 365 मामले सामने आए थे, जो बढ़कर दिसंबर में 1600 के करीब पहुंच गए। नवंबर में एक मौत हुई थी, दिसंबर में नौ मौत हो चुकी है। अधिकांश संक्रमितों में कोई लक्षण नहीं मिले, उन्हें होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार सोमवार को कोविड की नई गाइडलाइन जारी करेगी। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra