जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्यक्ष पद पर शुक्रवार को वैभव गहलोत निर्वाचित हुए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी गुट के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए हैं। वर्तमान में जोशी आरसीए के अध्यक्ष हैं।

उधर, आरसीए चुनाव को लेकर कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी पहले से अधिक बढ़ गई है। चुनाव परिणाम आने के बाद अब तक कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद रामेश्वर डूडी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे। खुद को प्रदेश का जाट और किसान नेता बताते हुए डूडी ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर धृष्तराष्ट्र बने मुख्यमंत्री की शिकायत करेंगे। मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना डूडी ने कहा कि उच्च स्तर से तीन मंत्रियों लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव और अशोक चांदना के साथ ही मुख्य सचिव डीबी गुप्ता व सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन को वैभव गहलोत की जीत पक्की करने के लिए लगाया गया। पूरी सरकार वैभव गहलोत को आरसीए अध्यक्ष बनाने में जुटी थी।

उधर, गहलोत सरकार ने गुरुवार शाम को डूडी को चार दिन पहले दी गई सुरक्षा हटा ली है। इस पर डूडी ने आरोप लगाया कि हरियाणा के गैंगस्टर्स ने मुझे जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए सरकार ने सुरक्षा दी थी, लेकिन अब आरसीए चुनाव में मैं वैभव गहलोत के खिलाफ था इस वजह से मेरी सुरक्षा हटा ली गई।

जोशी ने अपने निकटस्थों को फायदा पहुंचाने के लिए यह खेल रचा

"दैनिक जागरण" से बातचीत में डूडी ने आरोप लगाया कि दिल्ली रोड पर आगामी दिनों में बनने वाले आरसीए के स्टेडियम के आसपास सीपी जोशी के निकटस्थों ने जमीन खरीद रखी है। शीघ्र बनने वाले स्टेडियम के आसपास जमीनों भाव आसमान पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जोशी के खास राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, आयोजना राज्यमंत्री राजेंद्र यादव और राजसमंद से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले देवकीनंदन गुर्जर ने यहां जमीनें खरीद रखी है। इन जमीनों को बचाने के लिए जोशी ने मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर उनके बेटे वैभव गहलोत को चुनाव लड़ाया। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के चलते वे जीत गए। उन्होंने कहा कि आगामी समय में बीसीसीआई से आरसीए को 250 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। इस रकम पर जोशी और उनके समर्थकों की नजर होने के कारण ही मुझे चुनाव लड़ने से रोका गया।

सचिन पायलट बोले, दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम हुआ

उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने "दैनिक जागरण" से बातचीत में कहा कि रामेश्वर डूडी और वैभव गहलोत दोंनों ही कांग्रेस के नेता हैं। लेकिन जिस तरह से गुरुवार को पुलिस ने डूडी के साथ व्यवहार किया, वह सही नहीं कहा जा सकता और उनकी सुरक्षा हटाया जाना भी गलत है। उन्होंने आरसीए चुनाव को लेकर चले घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विरोधियों को पार्टी के खिलाफ बोलने का मौका मिल रहा है।

इस तरह चला घटनाक्रम

डॉ. सीपी जोशी ने खुद आरसीए अध्यक्ष पद छोड़ने का निर्णय लिया और सीएम के पुत्र वैभव गहलोत को अपना उत्ताराधिकारी घोषित करते हुए चुनाव मैदान में उतारा। वहीं दूसरी तरफ आईपीएल के पूर्व कमीश्नर ललित मोदी के समर्थकों ने कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी पर दांव लगाया। मोदी समर्थकों ने पहले तो डूडी को नागौर जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनाया और फिर उन्हे आरसीए के अध्यक्ष पद हेतु मैदान में उतारा। हालांकि चुनाव अधिकारी आर.आर.रश्मी द्वारा नागौर सहित तीन जिला संघों को मान्यता नहीं देने के कारण डूडी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो गए। इससे नाराज डूडी ने सीएम गहलोत और डॉ. जोशी पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। खुद चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में डूडी ने रामप्रकाश चौधरी को वैभव गहलोत के सामने मैदान में उतारा। चुनाव परिणाम आया तो वैभव गहलोत को 31 में से 25 और चौधरी को मात्र छह वोट मिले।

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Posted By: Sachin Mishra

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