थानेदार को पीटकर भागा पुलिस अधीक्षक का बेटा गिरफ्तार, घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिया था संज्ञान
पूरे घटनाक्रम के मध्य में आरोपित प्रवीण सिंह नाथावत ने पूरे बुलंद इकबाल के साथ पुष्कर के आलिशान रिसोर्ट में विवाह रचाया जिसमें राजस्थान सरकार के जनप्रतिनिधियों और पुलिस के आला अधिकारियों ने भी शिरकत की आरोपित ने विवाह के बाद भ्रमण सुख भी पाया।

अजमेर, राज्य ब्यूरो। अजमेर के क्रिश्चयनगंज पुलिस थाने के थानाधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर करण सिंह खंगारोत को कथित रूप से पीट कर भागे जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक भंवर सिंह नाथवत के पुत्र प्रवीण सिंह नाथावत ने आखिरकार खुद को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह सब नाट्यक्रम घटना के बीस दिन बाद घटित हुआ। इस समूचे घटनाक्रम के मध्य में आरोपित प्रवीण सिंह नाथावत ने पूरे बुलंद इकबाल के साथ पुष्कर के आलिशान रिसोर्ट में विवाह रचाया जिसमें राजस्थान सरकार के जनप्रतिनिधियों और पुलिस के आला अधिकारियों ने भी शिरकत की आरोपित ने विवाह के बाद भ्रमण सुख भी पाया। अजमेर पुलिस और उसके अधिकारी नाटकीय ढंग से आरोपित की तलाश में टीमें बनाकर देशभर की गलियां नापते रहे।
गौरतलब है कि यह सब तब हुआ जब अजमेर पुलिस की फजीती वाले इस प्रकरण में राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद संज्ञान लिया हुआ था। आरोति प्रवीण सिंह द्वारा पर सी.आई. की पिटाई को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गंभीरता से लिया था। मामले की जांच कर रहे डी.एस.सी. भंवर रणवीर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रवीण को गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने प्रवीण के रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी। पुलिस ने जो दबाव बनाया उसी का परिणाम रहा कि अब आरोपी गिरफ्त में है। अब सी.आई. खंगारोत ने जो रिपोर्ट लिखवाई है उसके अनुसार आरोपी से पूछताछ होगी। सिंह ने बताया कि 16 फरवरी को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जायेगा।
क्या है पूरा मामला
सी.आई. खंगारोत की पिटाई का मामला प्रदेशभर में चर्चित रहा विगत दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जब कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की तब भी सी.एम. की ओर से इस मामले को उठाया गया। चूंकि आरोपी के पिता भंवर सिंह नाथावत जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत है इसलिए यह मामला राजस्थान पुलिस की इमेज से भी जुड़ गया, लेकिन जांच अधिकारी भंवर रणवीर सिंह ने सभी दबावों को परे धकेलते हुए आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर ही लिया। गिरफ्तारी से पहले आरोपी के खिलाफ प्रयाप्त सबूत जुटाते गये ताकि वारदात स्थल पर आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि हो सके।
उल्लेखनीय है कि सी.आई. खंगारोत 26 जनवरी की शाम को जब अपने थाना क्षेत्र के पृथ्वीराज नगर में साइकिल पर गश्त कर रहे थे तभी उन्होंने प्रवीण सिंह को एक लड़की के साथ कार में बैठे हुए देखा उस समय दोनों शराब पी रहे थे। खंगारोत ने टोका तो प्रवीण ने अभद्र व्यवहार किया उसके बाद प्रवीण लकड़ी को छोडक़र वापस आया और सी.आई. खंगारोत के साथ मारपीट की। खंगारोत ने जो रिपोर्ट लिखाई है उसमें बताया गया कि यदि वे डिवाइडर पर नहीं चढ़ते तो नशे में धुत्त प्रवीण सिंह उन पर कार चढ़ा देता। प्रवीण ने जो मारपीट की उसका मेडिकल मुआयना भी सी.आई. की ओर से करवाया गया था।

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