विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सचिन पायलट ने राजस्थान की नहर परियोजना पर केंद्र सरकार को घेरा, कहा- राज्य सरकार कर रही काम, भ्रम न पैदा करें

By AgencyEdited By: Babli Kumari
Published: Wed, 14 Dec 2022 09:44 AM (IST)

सचिन पायलट ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा राजस्थान पीएम मोदी ने दो बार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसी) ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर की टिप्पणी
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर की टिप्पणी

सवाई माधोपुर, एजेंसी। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राज्य के 13 जिलों के लिए जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष को परियोजना के संबंध में राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए।सचिन पायलट ने कहा, इस परियोजना से 13 जिले लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार ने 9,500 करोड़ रुपये देने का वादा किया है और इस पर काम करना जारी रखेगी।

उनका बयान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के आरोप के बाद आया है कि राजस्थान सरकार 'परियोजना को समय पर पूरा करने और लागू करने के लिए उत्सुक नहीं है।'

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के दावे का खंडन करते हुए सचिन ने कहा, 'पीएम मोदी ने दो बार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसी) को राष्ट्रीय परियोजना बनाने का आश्वासन दिया था।अब जब राज्य सरकार ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है, तो भ्रम पैदा करने की कोई जरूरत नहीं है।'

विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा- सचिन पायलट

उन्होंने आगे कहा कि 'विपक्ष (भाजपा) झूठे आरोप लगा रहा है क्योंकि राज्य विधानसभा चुनाव सिर्फ 12 महीने दूर हैं। हमें लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।'

बता दें कि राजस्थान कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय नहर परियोजना घोषित करने की मांग की थी।

यह नहर परियोजना राज्य की कल्याण के लिए

पत्र में पायलट ने लिखा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना लगभग आधी आबादी (राज्य की) के कल्याण के लिए है।

उन्होंने पत्र में लिखा '13 जिलों में कृषि और पशुपालन प्रमुख व्यवसाय हैं, जबकि भूजल उपलब्धता में लगातार कमी ने कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इसके अलावा, कई ब्लॉक डांग क्षेत्र के कारण विकसित नहीं हो पाए हैं। नीति आयोग ने करौली जैसे जिलों को भी शामिल किया है और धौलपुर अर्ध-विकसित क्षेत्रों की सूची में है।

उन्होंने लिखा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है और इसलिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की अवधारणा तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई है।

यह भी पढ़ें-  Assam News: असम पुलिस ने 14 करोड़ की कीमत के मादक पदार्थ को किया जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

यह भी पढ़ें- अरुणाचल प्रदेश में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर मजबूती से डटी है भारतीय सेना, नाकाम हो रही चीन की कोशिश

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।