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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sachin Pilot: फारूक अब्दुल्ला की बेटी सारा से हुआ सचिन पायलट का तलाक, चुनावी हलफनामे में खुलासा

By Jagran NewsEdited By: Manish Negi
Published: Tue, 31 Oct 2023 07:13 PM (IST)Updated: Tue, 31 Oct 2023 07:24 PM (IST)

राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपनी पत्नी सारा पायलट से तलाक ले चुके हैं। चुनाव ...और पढ़ें

सचिन पायलट और उनकी पत्नी सारा का तलाक हो चुका है (जागरण ग्राफिक्स)
सचिन पायलट और उनकी पत्नी सारा का तलाक हो चुका है (जागरण ग्राफिक्स)

राज्य ब्यूरो, जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस के सबसे युवा दिग्गज नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी पत्नी सारा पायलट से तलाक ले चुके हैं। इसका खुलासा उनके टोंक में भरे नामांकन पत्र के साथ दिए एफिडेविट के जरिए हुआ है। हालांकि उन्होंने तलाक कब लिया इसका पता नहीं चल पाया है। नामांकन पत्र के साथ पेश एफिडेविट के जरिए पहली बार सार्वजनिक रूप से इसका खुलासा हुआ है।

सचिन-सारा के दो बच्चे

सचिन और सारा के दो बच्चे हैं और दोनों सचिन के साथ ही रहते हैं, जिसका जिक्र भी एफिडेविट में किया हुआ है। सारा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला की बेटी हैं। उनकी शादी सचिन पायलट से 19 साल पहले 15 जनवरी 2004 को हुई थी।

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बेटी की शादी में नहीं आए थे फारूक

बताया जाता है कि इन दोनों के रिश्ते से दोनों के परिवार नाखुश थे, किन्तु सचिन अपने परिवार को राजी करने में कामयाब हो गए थे। फारूक इस रिश्ते से इस कदर नाराज थे कि वह अपने बेटी की शादी में शरीक तक नहीं हुए। दोनों ने दिल्ली स्थित आवास पर शादी की थी, तब सचिन की मां रमा पायलट दौसा से सांसद थीं। पिछले कई महीनों से यह चर्चा में था कि सचिन और उनकी पत्नी सारा अलग-अलग रह रहे हैं, लेकिन उनके तलाक की बात किसी को मालूम नहीं थी। दोनों ने कब तलाक लिया, इसका भी खुलासा नहीं हो पाया।

(सचिन और सारा पायलट की फाइल फोटो)

सचिन संभाले रहे हैं पिता की राजनीतिक विरासत

सचिन के पिता राजेश पायलट भी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार थे। राजीव गांधी उन्हें अपने साथ राजनीति में लाए थे। पिता की एक दुर्घटना में मौत के बाद सचिन सक्रिय राजनीति में उतरे और पहली बार दौसा से सांसद बने। बेहद कम उम्र में उन्हें केन्द्र सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला।

राजस्थान में दिलाई कांग्रेस को जीत

राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सचिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे और अपनी मेहनत के बल पर पार्टी को सत्ता में लाने में सफल रहे। हालांकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनकी नहीं बनी और उन्होंने उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

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