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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की छोटी बहन रूपम का उदयपुर में निधन, कहा एक गीत रह गया अधूरा

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Sat, 22 May 2021 04:56 PM (IST)

Rajasthan पवन खेड़ा की छोटी बहन रूपम का शनिवार को उदयपुर में निधन हो गया। उन्होंने लिखा कि मैं आप ...और पढ़ें

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की छोटी बहन रूपम का उदयपुर में निधन। फाइल फोटो
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की छोटी बहन रूपम का उदयपुर में निधन। फाइल फोटो

उदयपुर, संवाद सूत्र। Rajasthan: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की छोटी बहन रूपम का शनिवार को उदयपुर में निधन हो गया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि ''मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरी छोटी बहन के लिए प्रार्थना की। आप सभी की दुआओं का बहुत शुक्रिया, किन्तु मेरी छोटी बहन रूपम ने शनिवार सुबह आखिरी सांस ली।'' उन्होंने यह भी लिखा कि रूपम की मौत से ''एक गीत जो अधूरा रह गया...''। पवन खेड़ा ने अपनी बहन की मौत का कारण नहींं बताया। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के ट्वीट से लगता है कि रूपम की मौत कोरोना महामारी की वजह से हुई। सुरजेवाला ने अपने ट्विटर हैंडल पर संवेदना जताते हुए लिखा "एक प्रिय मित्र और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को उनकी बहन के निधन पर मेरी हार्दिक संवेदना। कोविड -19 ने इतने प्रियजनों को छीन लिया है कि यह विनाशकारी है। भगवान उन्हें और परिवार को नुकसान सहने के लिए शक्ति प्रदान करे"।

कांग्रेस के कई सदस्यों और अन्य दलों के नेताओं ने भी रूपम के निधन पर संवेदना जताई हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ़. गिरिजा व्यास, पूर्व सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रघुवीर मीणा, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, पूर्व मंत्री दयाराम परमार, कांग्रेस के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पूर्व प्रदेश सचिव पंकज शर्मा, पूर्व विधायक एवं मौजूदा प्रधान सज्जनदेवी कटारा के अलावा भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भी रूपम के निधन पर संवेदना जताई है। साइबर टीम उदयपुर संभाग के प्रभारी विनोद जैन ने बताया कि रूपम का अंतिम संस्कार दोपहर दो बजे रानी रोड स्थित श्मशान पर कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि पवन खेड़ा का पैतृक मकान फतहसागर किनारे ओटीसी स्कीम में है। उनके पिता यहां विद्युत निगम में सेवारत थे और पवन खेड़ा युवावस्था में दिल्ली चले गए थे। उनके परिवार के कुछ सदस्य अभी भी यहां रहते हैं।