जागरण संवाददाता, जयपुर। अपने बयानों को लेकर हमेशा विवादों में रहने वाले राजस्थान में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (आइपीएस) पंकज चौधरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बर्खास्त कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस बारे में अधिकारिक पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने सेवा समाप्त करने का आठ पेज का नोटिस उनके जयपुर में गांधी नगर स्थित आवास पर चस्पा करा दिया गया है। पिछली वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में चौधरी ने तत्कालीन सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों पर सार्वजनिक रूप से कई आरोप लगाए थे। उस समय कार्मिक विभाग ने चौधरी को सेवामुक्त करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से सिफारिश की थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार की इस सिफारिश को मानते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया है।

नोटिस चौधरी के घर पर चस्पा दिया

वर्ष 2009 बैच के आईपीएस पंकज चौधरी को राजस्थान कैडर मिला था। पंकज चौधरी बाड़मेर में एसपी रहते हुए स्थानीय रसूखात वाले नेता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने और बूंदी जिले के नैनवां में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद चर्चा में आए थे। गाजी फकीर प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। चौधरी नौकरी की शुरुआत से ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद के चलते विवादों में रहे हैं। पिछली वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में सीएम और वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की थी। इस पर राज्य सरकार ने 26 अप्रैल, 2016 को उन्हें चार्जशीट दी थी। जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्यवाही की चार्जशीट 14 जुलाई 2017 को प्रामाणित मानी गई।

इस पर राज्य सरकार ने उनकी सेवा समाप्त करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया था। गृह मंत्रालय ने इस बारे में 19 फरवरी, 2019 को अनुमति दे दी थी। इस पर 1 मार्च, 2019 को राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर चौधरी की सेवा समाप्ति नोटिस तामील करवाकर इसकी मूल रसीद वापस कार्मिक विभाग को भिजवाने की बात लिखी थी। इसी आदेशों की पालना में बुधवार को बजाज नगर थाना पुलिस पंकज चौधरी के घर पहुंची, जहां दरवाजे पर ताला लगा मिला। इस पर पुलिस ने नोटिस को गेट पर ही चस्पा कर दिया।

 

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Posted By: Sachin Mishra