राजस्थान सरकार फिर बनवाएगी राजगढ़ का 300 साल पुराना मंदिर! भाजपा आन्दोलन की तैयारी में जुटी
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र सिंह ने रविवार को दूसरे दिन भी कहा कि राज्य सरकार मंदिर बनाएगी मूर्तियों की विधि-विधान से स्थापना करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के सभापति के साथ ही मंदिर तोड़ने वाले अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होगी।

जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ में 300 साल पुराने एक मंदिर सहित तीन मंदिर,मकान और दुकानों पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर अभी विवाद जारी है। इस मुददे को लेकर भाजपा प्रदेश स्तर पर आन्दोलन करने की तैयारी कर रही है । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि पार्टी के जांच दल ने तथ्यात्मक जानकारी जुटाई है। अधिकारियों ने अपने स्तर पर गलत तरीके से तोड़फोड़ की है। राज्यपाल को ज्ञापन देने के साथ ही आन्दोलन किया जाएगा । उधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र सिंह ने रविवार को दूसरे दिन भी कहा कि राज्य सरकार मंदिर बनाएगी, मूर्तियों की विधि-विधान से स्थापना करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के सभापति के साथ ही मंदिर तोड़ने वाले अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होगी।
जिला कलक्टर नकाते शिवप्रसाद मदन ने कहा कि जिन तीन मंदिरों को तोड़ा गया है उनका फिर से निर्माण होगा। निर्माण उसी स्थान पर होगा,जहां तोड़ा गया है।कलक्टर ने कहा कि मंदिर,मकान और दुकान तोड़ने का निर्णय नगर पालिका के बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कर के लिया गया था । इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन को सूचना नहीं दी गई थी । कलक्टर ने रविवार को इस सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक की ।
एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
पूनिया ने कहा कि नगर पालिका के बोर्ड में पारित प्रस्ताव में मंदिर तोड़ने का उल्लेख कहीं भी नहीं किया गया । प्रस्ताव में मास्टर प्लान के अनुसार गौरव पथ बनाने का उल्लेख था। लेकिन यह नहीं लिखा गया था कि सड़क कितनी चौड़ी करनी है। अधिकारियों ने क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक जौहरीलाल मीणा के इशारे पर मंदिर,मकान और दुकानों पर बुलडोजर चलाया था । उधर राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जुली राजगढ़ में लोगों की समझाइश में जुटे हैं। जुली का कहना है कि सभापति सतीश दहरिया की अध्यक्षता में भाजपा शासित बोर्ड ने तोडफोड़ करने का निर्णय लिया है। सरकार मंदिरों का पुनर्निमाण करवाने के साथ ही जिन लोगों के पास मकान और दुकान के दस्तावेज हैं,उन्हे मुआवजा देगी ।
लोग हो रहे परेशान
तोड़फोड़ के बाद लोग परेशान हो रहे हैं। हालात यह है कि जो 45 दुकानें तोड़ी गई,उनके मालिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। व्यापारी योगेश गवारिया ने कहा कि मेरी पिछले 40 साल से दुकान थी। चार बच्चों का पालन-पोषण दुकान से ही करता था । एक बच्चा विकलांग है। तोड़फोड़ करने से पहले दुकान से सामान निकालने का समय भी नहीं दिया । दुकान के साथ मकान का आधा हिस्सा तोड़ दिया गया । अब रहने और पेट पालने की समस्या हो रही है। संगीता देवी का कहना है कि हमेारी आंखों के सामने मकान गिरा दिया । पूरा सामान भी बाहर नहीं निकाल सके । 50 वर्षीय दुकानदार भागचन्द का कहना है कि दुकान के ऊपर बने एक कमरे में पांच लोगों का परिवार रहता था । दुकान पर किराना का सामान बेचता था । 17 अप्रैल को दुकान और कमरा दोनों गिरा दिए । अब समझ में नहीं आ रहा कि परिवार को कहां रखें,अभी तो एक परिजन के घर में रह रहे हैं।
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