जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के टेलीफोन टैपिंग मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी (ओएसडी) लोकेश शर्मा से सोमवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तीन घंटे तक पूछताछ की। क्राइम ब्रांच के रोहिणी आफिस में लोकेश से पूछताछ की गई। अधिकारियों ने उनसे पूछा कि आडियो उन्हें कहां से मिला। आडियो किस के कहने पर मीडिया में भेजे। किस व्यक्ति ने टेलीफोन टेप किए। इस मामले में राज्य सरकार की क्या भूमिका थी। कुल 25 सवाल पूछे गए। पूछताछ में मुख्य फोकस विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़ा था। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 जनवरी तक लोकेश की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने लोकेश को तीन बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। आखिरकार सोमवार को वह पेश हुए और करीब तीन घंटे तक उनसे पूछताछ हुई।

जानें, क्या है मामला

साल, 2020 में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय एक आडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सचिन पायलट समर्थक कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के बीच बातचीत होने का दावा किया गया था। इस बातचीत में दो व्यक्ति अशोक गहलोत सरकार गिराने को लेकर बात कर रहे हैं। इस आडियो के आधार पर तत्कालीन सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने राज्य स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी ) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में मामला दर्ज कराया था। इसी दौरान लोकेश शर्मा ने मीडियाकर्मियों को यह आडियो भेजा था। गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर 25 मार्च, 2021 को लोकेश और राज्य के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने फोन टैपिंग, आडियो वायरल कर छवि खराब करने का मामला दर्ज किया था। लोकेश ने पुलिस में दर्ज मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट में तीन बार सुनवाई हो चुकी है। उन्हें 13 जनवरी तक गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra