नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की हार के बाद राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच वर्चस्व की जंग तेज होती जा रही है। गहलोत दिल्ली में अपनी कुर्सी मजबूत करने के लिए जोड़तोड़ में व्यस्त हैं। वहीं दूसरी तरफ, पायलट गहलोत के राजनीतिक कार्यक्षेत्र जोधपुर संभाग में अपनी जड़े मजबूत करने में जुटे हैं। पायलट पार्टी काडर व किसानों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

जोधपुर संभाग के जालौर, सिरोही और पाली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद करने के साथ ही किसानों से रूबरू हो रहे हैं। जयपुर से दिल्ली तक चल रही वर्चस्व की जंग के बीच तीन जिलों के गांवों में रहकर पायलट यह संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व तक उनकी पकड़ मजबूत है। गहलोत को जरूर कुर्सी जाने का भय सता रहा है। पायलट समर्थक मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी प्रदेश की सभी 25 सीटों पर हार के लिए गहलोत को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफा मांग चुके हैं। अब गहलोत विरोधी खेमा दिल्ली में दस्तक देने की तैयारी कर रहा है। उधर, गहलोत अपनी कुर्सी मजबूत करने के लिए तीन दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

गहलोत को दिग्गजों का सहारा

मंत्रियों और विधायकों की बयानबाजी से नाराज गहलोत तीन दिन से दिल्ली में डेरा डालकर पार्टी नेतृत्व को हार के कारण गिनाने में जुटे हैं। गहलोत पार्टी के पुराने नेताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के विश्वस्तों में शामिल गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नाराजगी से परेशान हैं। राहुल गांधी की नाराजगी दूर करने के लिए गहलोत पुराने नेताओं का सहारा ले रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को उन्होंने वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा से मुलाकात की। वोरा और गहलोत के बीच काफी निकट संबंध हैं। इससे पहले गहलोत ने रविवार को हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा व पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के साथ चर्चा की थी। गहलोत की अहमद पटेल से भी मुलाकात हुई है। अहमद पटेल हमेशा ही गहलोत के समर्थक रहे हैं। मुकुल वासनिक व अविनाश पांडे से भी गहलोत की बात हुई। गहलोत इन दिग्गज नेताओं के माध्यम से राहुल गांधी को खुश करने में जुटे हैं।

पायलट विधायकों व कार्यकर्ताओं में बढ़ा रहे पैठ

पायलट को राहुल गांधी का निकट माना जाता है। गहलोत जहां दिल्ली में व्यस्त है, वहीं पायलट गहलोत के राजनीतिक कार्यक्षेत्र के विधायकों व कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में जुटे हैं। पायलट समर्थकों का दावा है कि यदि बात आगे बढ़ी और विधायकों के शक्ति प्रदर्शन की जरूरत आई तो उनका खेमा मजबूत रहेगा। पायलट ने रविवार को जालौर जिले के काछेला गांव के किसान जयकिशन विश्नोई के खेम में रात गुजारी। पायलट ने किसान के घर का बना भोजन किया और फिर चारपाई पर रात गुजारी। उन्होंने किसानों के साथ ही कार्यकर्ताओं की साथ संवाद भी किया।  

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Edited By: Sachin Mishra