राजस्थान में ही रहेगी भारतीय मां और पाकिस्तानी पिता की बेटी, जानिए कैसे मिली अनुमति
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के निर्देश के बीच डेढ़ वर्षीय पाकिस्तानी बच्ची को उसकी भारतीय मां के साथ राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहने की अनुमति दे दी गई है। मानवीयता के आधार पर लिए गए इस निर्णय से मां और बच्ची दोनों को राहत मिली है।

जागरण संवाददाता, जयपुर। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के निर्देश के बीच डेढ़ वर्षीय पाकिस्तानी बच्ची को उसकी भारतीय मां के साथ राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहने की अनुमति दे दी गई।
तीन दिन पहले बच्ची को लेकर मां रश्मि और अन्य स्वजन अटारी बार्डर पहुंचे, जहां पाकिस्तान के अमरकोट निवासी पिता डॉ. धनपत सोढ़ा भी उसे लेने आ गए थे। इसी बीच रश्मि व उसके स्वजनों की गुहार पर उच्च स्तरीय अधिकारियों ने मानवीयता के आधार पर निर्णय लिया कि बच्ची की देखरेख के लिए मां का उसके साथ होना आवश्यक है।
पाकिस्तान में हुई थी रश्मि की शादी
जैतसर थाना अधिकारी इमरान खान ने बताया कि 3एलसी-ए गांव की रश्मि का विवाह करीब तीन साल पहले हुआ था। वह पाकिस्तान में ही रह रही थी, मगर अब तक उसे वहां नागरिकता नहीं मिली है। वहीं, उसकी बेटी का जन्म चूंकि पाकिस्तान में हुआ, वह वहां की नागरिक हो गई।
शादी के बाद पहली बाई आई थी मायके
विवाह के बाद पहली बार कम समय के लिए वीजा मिलने पर रश्मि बच्ची के साथ तीन अप्रैल को मायके आई थी। पुलिस पाकिस्तानी नागरिकों को तलाश कर पाकिस्तान भेज रही थी। इसी क्रम में बच्ची के बारे में पता चला। पहले तो रश्मि बच्ची को वापस भेजने को तैयार नहीं हुई, लेकिन भारत सरकार के निर्देशों के कारण उसे इसके लिए मजबूर होना पड़ा। रविवार को वह अटारी बार्डर पहुंच भी गई, मगर मां-बच्ची को साथ रहने की अनुमति मिलने के बाद दोनों अपने गांव लौट आई हैं।
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