जयपुर में 'ऑपरेशन शील्ड' चला रहे थे अफसर, अचानक मधुमक्खियों ने कर दिया हमला; जान बचाकर भागे एसपी व कलेक्टर
जयपुर के खातीपुरा रोड स्थित सरकारी स्कूल के मैदान पर रियल टाइम मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल सेना के रिहायशी कॉलोनी पर ड्रोन और मिसाइल हमले का था। इस दौरान मौके पर वास्तविक आपात स्थिति पैदा हो गई। दरअसल बांध पर मौजूद कलेक्टर-एसपी समेत कई अफसरों और कर्मचारियों पर मधुमक्खियों में हमला कर दिया। फिर सभी अफसर जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शनिवार को राजस्थान में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों के साथ ही प्रदेश में रात 8 बजे से अलग-अलग समय पर ब्लैकआउट रहा। अलग-अलग शहरों में 15 से लेकर 25 मिनट तक ब्लैकआउट रहा। इस दौरान लोगों ने अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों की लाइटें बंद कर दी।
मधुमक्खियों ने किया हमला
इसके साथ ही, लोगों ने सड़क पर वाहनों की हेडलाइट भी ब्लैकआउट के दौरान बंद रखी। ब्लैकआउट के दौरान कुछ जगहों पर पूरी तरीके से अंधेरा रहा। ब्लैकआउट से पहले रात 8.15 के करीब जयपुर में खातीपुरा रोड से हसनपुरा तक ऑपरेशन शील्ड के तहत एअर स्ट्राइक की मॉक ड्रिल की गई।
झालावाड़ के कालीसिंध बांध पर मॉक ड्रिल के दौरान ड्रोन हमले की काल्पनिक स्थिति निर्मित हुई। इस दौरान मौके पर वास्तविक आपात स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, बांध पर मौजूद कलेक्टर-एसपी समेत कई अफसरों और कर्मचारियों पर मधुमक्खियों में हमला कर दिया। फिर सभी अफसर जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए।
खातीपुरा में हुआ मॉक ड्रिल
जयपुर के खातीपुरा रोड स्थित सरकारी स्कूल के मैदान पर रियल टाइम मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल सेना के रिहायशी कॉलोनी पर ड्रोन और मिसाइल हमले का था।
जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र सोनी ने बताया, "हमले की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचे और इस दौरान ऐसा दिखाया गया कि 9 ग्रामीण खेत से गुजर रहे थे और इस दौरान हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हो गए।"
क्या-क्या हुआ मॉक ड्रिल में?
उन्होंने कहा, "मॉक ड्रिल के दौरान छत पर फंसे लोगों को बचाने की रिहर्सल भी की गई। इस दौरान लोगों ने छत पर चढ़कर मदद के लिए चिल्लाया। इसके बाद क्रेन की मदद से लोगों की जान बचाई गई।"
मॉक ड्रिल में एनसीसी कैडेट्स ने भी भूमिका निभाई। सीकर के कल्याण मेडिकल कॉलेज में एअर स्ट्राइक का मॉक ड्रिल किया गया। यहां चार विस्फोटों का अनुकरण किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, सिविल डिफेंस टीम और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई।
इस दौरान ऐसा दिखाया गया कि धमाके के बाद 5वीं मंजिल पर कई लोग फंस गए थे, जिन्हें रस्सियों के सहारे नीचे उतारा गया। ब्लैकआउट से पहले पुलिस टीम ने कॉलोनियों में लोगों को सूचना दी।
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