''अशोक गहलोत की तारीफ में सद्भावना नहीं'', नागौर में वसुंधरा राजे बोलीं- वे मुझे मानते हैं सबसे बड़ा शत्रु
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि 2003 से लेकर अब तक अशोक गहलोत को कभी बहुमत नहीं मिला। इसलिए वे मुझे अपना सबसे बड़ा शत्रु और अपनी राह का कांटा मानते हैं। ऐसे में उनकी तारीफ में मेरे लिए सद्भावना नहीं दुर्भावना है।

जयपुर, पीटीआई। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गहलोत को 2003 से लेकर अब तक कभी बहुमत नहीं मिला इसलिए वह उन्हें अपना सबसे बड़ा शत्रु और राह का कांटा मानते हैं।
''गहलोत की तारीफ में है दुर्भावना''
राजे ने छोटी खाटू (नागौर) में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गहलोत द्वारा उनकी (राजे) तारीफ में सद्भावना नहीं, दुर्भावना है। पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान गहलोत द्वारा रविवार को दिए गए बयान के संदर्भ में आया है।
क्या बोले थे गहलोत ?
गहलोत ने रविवार को धौलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि वह 2020 में कांग्रेस के कुछ विधायकों की बगावत से बच गए, क्योंकि वसुंधरा राजे व कैलाश मेघवाल ने धन बल के माध्यम से एक चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश का समर्थन नहीं किया था।
राजे ने कहा कि 2003 से लेकर अबतक गहलोत को कभी बहुमत नहीं मिला। इसलिए वे मुझे अपना सबसे बड़ा शत्रु और अपनी राह का कांटा मानते हैं। ऐसे में उनकी तारीफ में मेरे लिए सद्भावना नहीं, दुर्भावना है।
गहलोत पर जमकर बरसीं राजे
उन्होंने कहा कि उन्होंने जानबूझकर मुझे नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा बोला है। वरना वे तो 20 साल से मेरे खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा बोलते आ रहें हैं, जिसे भूली नहीं हूं मैं।
राजे ने गहलोत के साथ-साथ कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक धौलपुर से बोले, तो दूसरे अजमेर में। चुनाव आ गये हैं और ऐसे में मैं सबके निशाने पर हूं। इनका उद्देश्य मुझे कैसे हानि पहुंचे यह है बस।
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