जागरण संवाददाता, जयपुर। Misbehaviour In Rajasthan: राजस्थान के बारां जिले में दो नाबालिग दलित बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बारां जिले के छबड़ा निवासी दोनों दलित बहनों का गांव के ही चार युवकों ने गत 18 सितंबर को उस समय अपहरण किया, जब वे खेत जा रही थी। आरोपित रमेश, सोनू, गणेश और जयकृथ अपहरण करने के बाद दोनों बहनों को अजमेर, जयपुर व कोटा लेकर गए और वहां उनके साथ कई बार सामूहिक तौर पर दुष्कर्म किया। चारों आरोपित दो दिन पहले दोनों बहनों को रात के अंधेरे में घर के बाहर छोड़ गए। नाबालिगों ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर मंगलवार शाम उनके पिता ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर आरोपितों के खिलाफ अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार में से दो युवकों को पकड़ा, लेकिन पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। नाबालिगों के पिता का आरोप है कि पहले तो पुलिस ने दस दिन तक दोनों बेटियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की और फिर आरोपित खुद घर छोड़ गए। दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद खानापूर्ति की जा रही है। दो आरोपितों को केवल पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया, शेष दो को तो पकड़ा ही नहीं गया। उन्होंने पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाया है।

इधर, जयपुर पुलिस ने मुंबई से एक ऐसे बदमाश को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर दोस्ती कर विदेशी युवतियों से दुष्कर्म करता था। युवतियों को जयपुर बुलाकर होटल में ठहराता था और फिर दुष्कर्म करने के बाद झांसा देकर फरार हो जाता था। गिरफ्तार किए गए 37 साल के रपक चटर्जी के खिलाफ जयपुर और दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में मामले दर्ज हैं। चटर्जी पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले का रहने वाला है। वह करीब 12 विदेशी भाषाओं का जानकार होने के साथ ही ई-कॉमर्स का व्यवसाय करता है। पुलिस उप अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली के निजामुद्दीन पुलिस थाने में एक विदेशी युवती ने उसके साथ जयपुर में एक व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज करवाया था।

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