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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jaipur Tanker Blast: लापरवाही या कुछ और? सामने आई टैंकर में आग लगने की वजह; अबतक 14 लोगों की मौत

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Sat, 21 Dec 2024 04:57 PM (IST)Updated: Sat, 21 Dec 2024 05:16 PM (IST)

विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि यातायात नियमों का पालन न करना की वजह से जयपुर अजमेर हाईवे पर हादसा हुआ ...और पढ़ें

Jaipur CNG Truck Blast: विशेषज्ञों ने बताई टैंकर हादसे की वजह।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
Jaipur CNG Truck Blast: विशेषज्ञों ने बताई टैंकर हादसे की वजह।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

HighLights

  1. ट्रक और टैंकर में हुई थी भिड़ंत, 35 लोग झुलस गए
  2. खराब यातायात प्रबंधन की वजह से दुर्घटना घटी: विषशेषज्ञ

पीटीआई, जयपुर। Jaipur CNG Truck Blast। राजस्थान के जयपुर में अजमेर हाईवे पर शुक्रवार की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। एक ट्रक और एलपीजी गैस टैंकर की भिड़ंत हो हई। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। तकरीबन 35 लोग झुलस हए। हादसा इतना भयंकर था कि पूरा इलाका आग की लपटों में घिर गया। एक घर भी आग की चपेट में आ गया।

विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि यातायात नियमों का पालन न करना की वजह से ये हादसा हुआ है। भारत में सड़क सुरक्षा नेटवर्क की एक प्रमुख आवाज और पूर्व सदस्य जॉर्ज चेरियन ने कहा खराब यातायात प्रबंधन की वजह से यह दुर्घटना घटी। उन्होंने कहा कि ट्रैक जैसी बड़ी गाड़ियों को राजमार्ग पर यू टर्न लेने से रोकने के लिए नियम बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हाइवे, एक्सप्रेसवे पर तेज गति से चले रही गाड़ियां को ब्रेक लगाकर रोकना कोई आसान काम नहीं है।

राजस्थान में पिछले साल 20 हजार से ज्यादा हुए सड़क हादसे

चेरियन ने आगे कहा कि 2022 में राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं में 13 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई, साथ ही मृत्यु दर में 11 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई।

राजस्थान के परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला है कि पिछले वर्ष 20,951 की तुलना में 2022 में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़कर 23,614 हो गई। राजस्थान भी उन छह बड़े राज्यों में से एक था, जहां 2023 में देश में 1,73,000 (1.73 लाख) सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में से लगभग 55 प्रतिशत मौतें हुईं।

घटनास्थल को लेकर चेरियन ने किया दी जानकारी?

चेरियन के अनुसार, राजस्थान में इस तरह की सड़क दुर्घटनाओं की निरंतर प्रवृत्ति को देखते हुए 2025 से 2030 तक सड़क सुरक्षा पर एक व्यापक राज्यव्यापी कार्रवाई की आवश्यकता है।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. प्रेरणा अरोड़ा सिंह ने घटनास्थल को लेकर जानकारी देते हुए कहा, "चौराहे पर हाईमास्ट लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। सर्दियों के दौरान दृश्यता बहुत कम हो जाती है। कट पर किसी भी प्रकार का कोई रेडियम, रिफ्लेक्टर या सिग्नल मार्कर नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि चौराहे पर कट की चौड़ाई बहुत कम है।

पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

इस हादसे पर  मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने घटना पर दुख व्यक्त किया। राजस्थान सरकार ने मृतकों के परिवार को पांच लाख रुपये और घायलों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर अग्निकांड के पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवार को दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की घोषणा की।

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