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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhilwara News: बाल विवाह से बचने के लिए दो बार घर से भागी किशोरी, नहीं माने परिजन तो खाई चूहे मारने की दवा

By Jagran NewsEdited By: PRITI JHA
Published: Tue, 22 Nov 2022 12:09 PM (IST)

किशोरी के बयान लेने के बाद पुलिस ने बताया कि परिजन उसका बाल विवाह बड़ी उम्र के युवक के साथ ...और पढ़ें

भीलवाड़ा की घटना बोली दो बार घर छोड़कर भागी फिर भी नहीं माने परिजन
भीलवाड़ा की घटना बोली दो बार घर छोड़कर भागी फिर भी नहीं माने परिजन

उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान (Rajasthan) के भीलवाड़ा (Bhilwara) जिले की एक किशोरी ने बाल विवाह से बचने के लिए कीटनाशक दवा खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उसे महात्मा गांधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाल कल्याण समिति की सूचना पर शाहपुरा थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

17 वर्षीया किशोरी कीटनाशी खाने के बाद अस्पताल में भर्ती

मिली जानकारी के अनुसार जिले के शाहपुरा क्षेत्र की 17 वर्षीया किशोरी के कीटनाशी खाने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी मिलते ही बाल कल्याण समिति के सदस्य फारुख पठान अस्पताल पहुंचे तथा पुलिस को जानकारी दी।

बड़ी उम्र के युवक के साथ जबरन करा रहे थे बाल विवाह

किशोरी के बयान लेने के बाद पुलिस ने बताया कि परिजन उसका बाल विवाह बड़ी उम्र के युवक के साथ जबरन कराना चाहते हैंं। पठान ने बताया कि इस किशोरी का मामला दो महीने पहले सितंबर में अदालत के समक्ष आया था। तब शाहपुरा थाना पुलिस ने किशोरी को बाल कोर्ट को सौंपा था। काउंसलिंग के बाद परिजनों के साथ ही जाने की इच्छा जताने पर किशोरी को उनके हवाले कर दिया था।

दो बार घर छोड़कर भाग चुकी है युवती

किशोरी ने बताया कि परिजन इसके बाद भी नहीं माने वह उसकी शादी उसकी उम्र से कई साल बड़े मदन लाल अहीर से कराना चाहते थे। परिजनों ने एक बार उसे मदन लाल अहीर के साथ भेज दिया तो वह घर छोड़कर भाग निकली। इस तरह वह दो बार घर छोड़कर भाग चुकी है। इसके बावजूद वह उससे बड़ी उम्र के लड़के के साथ शादी कराना चाहते हैंं।

बाल विवाह न हो इसके लिए परिजनों को करेंगे पाबंद

इस मामले में थाना प्रभारी राजकुमार नायक का कहना है कि यदि नाबालिग परिजनों के पास नहीं जाना चाहेगी तो उसे बालिका गृह अजमेर शिफ्ट किया जा सकता है। बाल विवाह न हो इसके लिए उसके परिजनों को पाबंद करेंगे। फिर भी उसके परिजनों ने दबाव बनाया तो कार्रवाई भी की जाएगी।