Ganesh Chaturthi Special : जोधपुर के एक गणेश जी ऐसे भी जो सिर्फ प्रेमियों पर है मेहरबान
Ganesh Chaturthi Special ये शायद नहीं सुना होगा और सुनते हुए अजीब भी लग रहा होगा लेकिन ये हकीकत है कि जोधपुर में एक गणेश जी ऐसे भी है जो सिर्फ प्रेमियों पर मेहरबान है।
रंजन दवे, जोधपुर : विध्न हरता, रिद्धि सिद्धि, दाता गणपति ! जन जन के आराध्य पूजनीय गणेश के लिए ये बाते तो अक्सर सुनने को मिलती है, लेकिन गणेश इश्क भी करवाता है, प्रेमियों को मिलता भी है और शादियां भी करवाता है, ये शायद नहीं सुना होगा और सुनते हुए अजीब भी लग रहा होगा लेकिन ये हकीकत है, कि जोधपुर में एक गणेश जी ऐसे भी है जो सिर्फ प्रेमियों पर मेहरबान है।
ये गणेश जी प्रेम करवाते है, प्रेमियों को मिलवाते है और इश्क ही यहाँ आराधना का मूलमंत्र है, इसलिए यहाँ गणेश को इश्किया गणेश जी कहते है। इतना ही नहीं यहाँ जो कोई भी आते है और गजानन से ये प्रार्थना करते है की उन्हें भी ऐसी मोहब्बत नसीब हो जो हमेशा उनके साथ रहे।
अजय करण और ममता बताते हैं कि सुखद दाम्पत्य जीवन चल रहा है
जोधपुर शहर के परकोटे के भीतर की तंग गलियों में प्राचीन समय से स्थापित गुरु गणपति की छाया में अब युवाओं का प्रेम पनपता है। इस गणेश मंदिर में आने वाले युवा गणपति से सुख सम्रद्धि नहीं बल्कि प्रेम की प्राप्ति मांगते है। यहाँ आकर लड़का हो या लड़की ये ही मन्नत मांगते है की उन्हें मन चाहा साथी मिले, और जब मन्नत पूरी हो जाती है उसके बाद हजारों दिल भगवान गणेश के आगे मत्था टेकने आते है। साथ ही गजानन के शुक्रिया अदा करते है की इश्क के गजानन ने उनकी मुराद पूरी की। मंदिर में माथा टेकने आये अजय करण और ममता बताते है कि उनकी पहली मुलाकात भी यही हुई, यही से नैन मिले, दिल मिले और विवाह भी हुआ, जिसके बाद से आज तक सुखद दाम्पत्य जीवन चल रहा है, जो कि इश्किया गणेश के आशीर्वाद बिना संभव नहीं है।
मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने पर रिश्ता बहुत जल्दी तय हो जाता है
मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने पर रिश्ता बहुत जल्दी तय हो जाता है और प्यार करने वालों की मुराद पूरी हो जाती है। इसी वजह से गणेश जी को इश्किया गजानन कहा जाता है। वैसे ऐसा नहीं है कि मंदिर में केवल प्रेमी जोड़े ही आते हों। मंदिर में हर उम्र के लोग मनोकामनाएं पूरी करने के लिए आते हैं। मोहब्बत जिंदाबाद की ख्वाहिशे लिए जोधपुर घूमने आने वाले पर्यटक भी यहां आना नहीं भूलते। शहर की जूनी मंडी इलाके में स्थापित इस गुरु गणपति यानी इश्किया गणेश के बारे में ब्रह्मपुरी के ब्राह्मण परिवारों की मान्यता है कि इसके आगे खड़े लोग दूर से किसी को आसानी से नजर नहीं आते थे। इस कारण यहां प्रत्येक बुधवार को प्रेमी युगलों का जमावड़ा लगा रहता है। कपल्स के मिलने का प्रमुख स्थान होने के चलते भी इस मंदिर का नाम इश्किया गजानन मंदिर पड़ गया और अब देश विदेश में लोग इसे इसी नाम से जानते हैं।
दुनिया में प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं, इश्क ही कायनात है, इश्क ही जन्नत
वैसे तो गणपति से कुछ भी मांगो मिलता है लेकिन जैसा की कहा जाता है की दुनिया में प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है। प्रेमियों के लिए इश्क ही कायनात है, इश्क ही जन्नत है! इसलिए ये इश्क के गणेश जी उनके लिए दुनिया में सबसे बड़े भगवान है। कहीं पर भी धर्म को प्रेम के साथ इस तरह जोड़कर नहीं देखा गया। क्योंकि समाज आज भी शादी से पहले लडके लड़की के प्रेम को अस्वीकारता है, लेकिन प्रथम वन्दनीय गणपति ने इस प्रेम को जो आशीर्वाद दिया है वो निश्चित रूप से युवाओं के लिए सराहनीय भी है और खासा लोकप्रिय कहा जा सकता है।
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