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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: मोरारी बापू पर जयपुर के कालवाड़ पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Mon, 08 Jun 2020 03:59 PM (IST)

Morari Bapu. मोरोरी बापू पर जयपुर के कालवाड़ पुलिस पुलिस थाने में एफआइआर कराई गई है।

Rajasthan: मोरारी बापू पर जयपुर के कालवाड़ पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज
Rajasthan: मोरारी बापू पर जयपुर के कालवाड़ पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज

जागरण संवाददाता, जयपुर। Morari Bapu. कथावाचक मोरोरी बापू पर भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए जयपुर के कालवाड़ पुलिस पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज (एफआइआर) कराई गई है। यह एफआइआर संत सौरभ राघवेंद्र आचार्य महाराज नाम के एक शख्स ने दर्ज कराई है।

कालवाड़ पुलिस थाने में संत सौरभ राघवेंद्र आचार्य की ओर से दर्ज कराई गई एफआइआर में आरोप लगाया गया है कि कथावाचक मोरारी बापू द्वारा मिर्जापुर स्थित आदि शक्ति पीठ में कुछ समय पहले रामकथा के दौरान भगवान कृष्ण के बारे में अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का वीडियो एक चैनल के माध्यम से प्रसारित किया गया है। यह वीडियो अभी हाल में सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के बीच वायरल हो रहा है।

संत सौरभ राघवेंद्र आचार्य ने दर्ज कराई अपनी प्राथमिकी में बताया कि इस वीडियो में कथावाचक मोरारी बापू द्वारा भगवान कृष्ण के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कथा सुनाई गई है। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ पर भी आपत्तिजनक टिप्प्णी की गई है। परिवादी ने कथावाचक मोरारी बापू पर कार्रवाई करने का मांग की है। कालवाड़ पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज कराने वाले सौरभ राघवेंद्र आचार्य महाराज खुद को रघुनाथ धाम रामानुज आश्रम का पीठाधीश्वर बताते हैं। 

गौरतलब है कि साल 2020 की शुरुआत में उत्तर गुजरात के साबरकांठा जिले के बामणा गांव में रामकथा के दौरान गत दिनों मोरारी बापू ने कहा था कि उनकी व्यास पीठ अपनी बात कहने व लोगों तक संदेश पहुंचाने में सक्षम है। मेहरबानी करके उनके नाम पर फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर चलाए जा रहे अकाउंट को बंद कर दें। मोरारी बापू ने कहा कि जिन्हें भी उनके सानिध्य की जरूरत है, वे उनके भावनगर के तलगाजरडा स्थित चित्रकूट आश्रम पर आएं।

उन्होंने कहा कि अब मुझे कार्यक्रमों में बुलाने से बख्श दें। मोरारी बाबू उन लोगों से भी व्यथित नजर आए जो खुद को उनका करीबी बताने के लिए विविध प्रपंच रचते हैं। उन्होंने कहा कि न मैं किसी के करीब हूं और न ही किसी से दूर। कृपा करके समाज में इस तरह का भ्रम न फैलाएं।