दिल्ली एनसीआर से जयपुर अब सिर्फ ढाई घंटे में, बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन; यात्रा में आएगी तेजी
राजस्थान में बांदीकुई से जयपुर तक बने 67 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे का शनिवार को स्थायी रूप से उद्घाटन किया गया। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से साइबर सिटी से पिंक सिटी यानी जयपुर पहुंचने में अब केवल ढाई घंटे लगेंगे जबकि पहले यह समय साढ़े तीन से चार घंटे था। इसके साथ ही साइबर सिटी से जयपुर जाने के लिए दो बेहतर मार्ग हो गए हैं।
जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में बांदीकुई से जयपुर तक बने 67 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे का शनिवार को स्थायी रूप से उद्घाटन किया गया।
इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से साइबर सिटी से पिंक सिटी यानी जयपुर पहुंचने में अब केवल ढाई घंटे लगेंगे, जबकि पहले यह समय साढ़े तीन से चार घंटे था। इसके साथ ही साइबर सिटी से जयपुर जाने के लिए दो बेहतर मार्ग हो गए हैं। लोग दिल्ली-जयपुर हाइवे के साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जयपुर जा सकते हैं।
गुरुग्राम से जयपुर जाने के लिए अब दो मार्ग
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जयपुर शहर की कनेक्टिविटी बेहतर हो इसके लिए 67 किलोमीटर लंबा बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एवं द्वारका एक्सप्रेसवे की तरह ही एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे है। एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे का एंट्री व एग्जिट केवल रास्ते में पड़ने वाले मुख्य सड़कों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
बांदीकुई से जयपुर की यात्रा अब 30 मिनट में पूरी होगी
बांदीकुई से जयपुर की यात्रा अब 30 मिनट में पूरी होगी, जिससे एक घंटे की बचत होगी। एनएचएआइ (सोहना) के परियोजना निदेशक पीके कौशिक ने बताया कि बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे चालू होने से गुरुग्राम की तरफ से जयपुर जाने वाले वाहनों की संख्या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगी।
नितिन गडकरी ने काम पूरा होने की घोषणा की
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जयपुर तक बांदीकुई स्पर के पूरा होने की घोषणा की। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि हमने 2,016 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत से निर्मित 66.916 किलोमीटर लंबे, 4-लेन ग्रीनफील्ड बांदीकुई स्पर को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
आगे लिखा कि यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे और जयपुर के बीच सीधी, पहुंच-नियंत्रित कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जो सीधे मार्ग की कमी को दूर करती है जो पहले यात्रियों को लंबी, ईंधन-गहन यात्रा करने के लिए मजबूर करती थी।
गडकरी ने कहा कि नई सड़क से दिल्ली और जयपुर के बीच यात्रा का समय 3 घंटे 45 मिनट से घटकर मात्र 3 घंटे रह जाने की उम्मीद है, जिससे आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा एनएच-48 और एनएच-21 पर भीड़भाड़ कम होगी।
राजमार्ग से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की भी रक्षा होने की उम्मीद
रिपोर्टों के अनुसार, पर्यावरण पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए मौजूदा आवासीय पड़ोस से बचने के लिए मार्ग को सावधानीपूर्वक डिज़ाइन किया गया है। समय, धन और ईंधन की महत्वपूर्ण मात्रा की बचत के अलावा, राजमार्ग से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की भी रक्षा होने की उम्मीद है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।