जागरण संवाददाता, जयपुर। Piyush Goyal: केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को राजस्थान में अलवर जिले के ढिगावड़ा से बांदीकुई रेलवे स्टेशन तक दिल्ली-जयपुर रेल लाइन के विद्युतीकरण का उद्धाटन किया। इस मौके पर गोयल ने कहा कि यूपीए सरकार में साल, 2009 से 2014 के बीच राजस्थान में रेल लाइनों का विद्युतीकरण नहीं हो सका। 35 साल में किसी ने राजस्थान में रेलवे के विकास की चिंता नहीं की। एक तरह से कांग्रेस सरकार के समय रेल विकास के मामले में राजस्थान अछूता था। नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में 2014 के बाद से अब तक 1433 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली से अजमेर तक 100 फीसद रेल लाइन का विद्युतीकरण हो चुका है।

अब इस रूट पर डीजल वाली ट्रेन नहीं चलेगी, बल्कि बिजली से चलने वाली ट्रेन दौड़ेगी। जयपुर-दिल्ली रेल मार्ग का विद्युतीकरण होने के बाद इस रूट पर डीजल इंजन की गाड़ियों का संचालन बंद हो जाएगा। इससे यात्रियों का समय बचने के साथ ही व्यापारियों का माल दूर तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले हर साल राजस्थान में रेलवे के लिए 682 करोड़ का निवेश होता था, जो मोदी सरकार के कार्यकाल में 2800 करोड़ तक पहुंच गया। 2014 से 2020 तक राजस्थान में 378 रेलवे अंडरपास बनाए गए हैं।

नई रेल लाइनों में 74 फीसद काम पूरा हो चुका है। 750 किलोमीटर का काम 10 हजार करोड़ की लागत से हुआ, वहीं चार हजार किलोमीटर डबलिंग गज कन्वर्जन का काम 13 हजार करोड़ की लागत से किया जा रहा है। मोदी सरकार ने प्रदेश में 30 से अधिक फ्लाईओवर बनाए हैं। गोयल ने कहा कि वर्तमान में पूरे देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय मिलती है। यह भारतीयों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले 21 माह में एक भी पैसेंजर की मौत रेलवे के कारण नहीं हुई है। 

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