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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धीरज श्रीवास्तव राजस्थान फाउंडेशन के चेयरमैन नियुक्त Jaipur News

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sun, 11 Aug 2019 02:15 PM (IST)

Dheeraj Srivastava. अधिकारिक आदेश में कहा गया है कि धीरज श्रीवास्तव दिल्ली में रहकर राजस्थान फाउंडेशन के जरिए प्रवासी राजस्थानियों से समन्वय करेंगे।

धीरज श्रीवास्तव राजस्थान फाउंडेशन के चेयरमैन नियुक्त Jaipur News
धीरज श्रीवास्तव राजस्थान फाउंडेशन के चेयरमैन नियुक्त Jaipur News

नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के ओएसडी रहे धीरज श्रीवास्तव अब राजस्थान फाउंडेशन के चेयरमैन होंगे। उन्हें मंत्री स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। कुछ माह पहले राजस्थान प्रशासनिक सेवा से वीआरएस लेने वाले धीरज श्रीवास्तव मनमोहन सिंह सरकार में प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर रहने के साथ ही राजीव गांधी फाउंडेशन में भी काम कर चुके हैं। अब धीरज श्रीवास्तव को अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान फाउंडेशन का चेयरमैन बनाकर नई जिम्मेदारी दी है।

अधिकारिक आदेश में कहा गया है कि धीरज श्रीवास्तव दिल्ली में रहकर राजस्थान फाउंडेशन के जरिए प्रवासी राजस्थानियों से समन्वय करेंगे। हालांकि कांग्रेस और गहलोत सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार धीरज श्रीवास्तव सोनिया गांधी एवं प्रियंका गांधी का कामकाज पहले की तरह देखते रहे इस कारण से उनकी नियुक्ति की गई है। उनका मुख्यालय दिल्ली के बीकानेर हाउस में रखने का मकसद भी यही है कि वे राजस्थान सरकार का कामकाज देखने के साथ ही सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी का कार्यालय में भी समन्वय कामकाज भी संभालेंगे। करीब दस साल तक सोनिया गांधी और एक साल तक प्रियंका गांधी के साथ काम करने के कारण उन्हें कांग्रेस की आंतरिक राजनीति एवं समीकरणों की पूरी जानकारी है।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं श्रीवास्तव 

मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी धीरज श्रीवास्तव के पिता इलाहाबाद के प्रख्यात शिक्षाविद रहे हैं। धीरज श्रीवास्तव को अपने पिता की असामयिक मृत्यु के बाद उच्च अध्ययन के लिए जयपुर आना पड़ा था। यहां उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और एम.फिल में स्वर्ण पदक जीता। उसके बाद 1994 बैच में उनका चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा में हुआ। यहां जालोर, सिरोही और जोधपुर जैसे राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में उनके विशिष्ट कार्यों के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें अपना ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी नियुक्त किया था। वह गहलोत के काफी निकट माने जाते हैं।

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