जयपुर, जागरण संवाददाता । राजस्थान में करौली जिले के बुकना गांव में मंदिर की जमीन को लेकर हुए विवाद में एक पुजारी पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने और उसकी मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि जालौर जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जालौर जिले के आदरवाड़ा गांव में शराब के नशे में कुछ लोगों ने एक दलित युवक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पीड़ि‍त 50 फीसद तक झुलस गया। उसने मिट्टी में लेटकर किसी तरह अपनी जान बचाई। यह मामला दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

पीड़ित युवक का गुजरात के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मंगलवार को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दो युवकों को हिरासत में लिया गया है। पीड़ित श्रवण कुमार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह सोमवार शाम को दूध लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में वह अवैध शराब के ठेके पर खड़े अपने भाई को लेने वहां पहुंचा द्ध वहां शराब के नशे में खड़े जितेन्द्र सिंह, रघुवीर सिंह और शेर सिंह से उसकी मामूली कहासुनी हो गई ।

इस पर उन्होंने एक बोतल में रखा हुआ पेट्रोल उस पर छिड़क दिया और आग लगा दी। उसने बड़ी मुश्किल से जमीन पर लेटकर और मिट्टी डालकर कुछ लोगों की मदद से आग बुझाई। श्रवण कुमार का आरोप है कि तीनों युवक गांव में हमेशा दबंगाई करते आए हैं।

गुजरात इलाज के लिए भेजा

श्रवण कुमार को घायलावस्था में रानीवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया । वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुजरात रेफर कर दिया गया। श्रवण कुमार का गुजरात के धानेरा में राजस्थान हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार श्रवण 50 फिसदी झुलस गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक नवज्योति गोगोई भी मंगलवार शाम को रानीवाड़ा पहुंचे और पुलिस थाने में आला अधिकारियों की बैठक लेकर घटना की जानकारी ली। इस दौरान जालौर के पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह चौधरी भी मौजूद रहे। दलित संगठनों ने इस घटना का पुरजोर शब्दों के साथ विरोध जताया है। 

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