जागरण संवाददाता, जयपुर। दिल्ली, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश की सरकारों ने अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अतिक्रमण करने वालों के पक्ष में खड़े हो गए। गहलोत ने चार दिन पहले कहा था कि आरोप साबित हुए बिना किसी के निर्माण पर बुलडोजर नहीं चला सकते। लेकिन अब अधिकारियों ने राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ में तीन मंदिरों और 100 दुकानों व मकानों पर बुलडोजर चलवा दिया। इनमें से एक मंदिर तो 300 साल पुराना है। मंदिर में स्थापित शिव लिंग को कटर से काटा गया, जिससे उसका कुछ हिस्सा टूट गया। यही नहीं, अन्य मूर्तियों की भी बेकद्री करते हुए कचरे में डाल दिया गया। अतिक्रमण हटाने पहुंचे सरकारी कर्मचारियों ने जूते पहनकर मंदिर में तोड़फोड़ की। करीब दस साल पहले बने मास्टरप्लान के नाम पर नगर पालिका के अफसरों ने लोगों को बिना नोटिस दिए तोड़फोड़ कर दी।

हिंदू संगठनों ने मंदिर तोड़े जाने का विरोध करते हुए राजगढ़ के कांग्रेस विधायक जौहरीलाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी केशव कुमार मीणा और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बी.एल.मीणा के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। तीनों पर साजिश कर मंदिर तोड़े जाने का आरोप लगाया गया है। भाजपा का कहना है कि विकास के नाम पर मंदिर को तोड़ना सही नहीं है। वहीं, प्रशासन ने कहा कि इस सड़क को चौड़ी करने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी था। उधर बृज भूमि कल्याण परिषद के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि गहलोत सरकार हिंदू विरोधी है। लोगों को घटना को लेकर रोष है।

मास्टर प्लान का हवाला

उपखण्ड अधिकारी ने का कहना है कि सराय इलाके में गोल सर्किल के आसपास बाजार काफी संकरा था। बाजार को चौड़ा करने के लिए मास्टर प्लान बनाया गया था। उसके अनुसार ही 17 व 18 अप्रैल को अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान और दुकान हटाए गए, उन्हें पहले ही खुद का सामान हटाने के लिए कह दिया गया था। कई लोगों ने हटाया, कुछ ने नहीं हटाया  जिनके अतिक्रमण हटाए गए हैं, उन्हें दूसरे स्थान पर जमीन आवंटित की जाएगी। मंदिर भी प्रशासन बनवाएगा। बहुत ज्यादा अतिक्रमण हो गया था। करीब 60 फीट का राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार रास्ता है जो 25 फीट भी नहीं बचा था। इस कारण जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया है।

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि दो महीने पहले नगरपालिका के बोर्ड की बैठक में मास्टरप्लान के अनुसार, अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान करीब दस साल पहले बना था, जिसमें शहरी गौरव पथ विकसित का प्रावधान किया गया था। शहरी गौरव पथ बनाने और सड़क चौड़ी करने के लिए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि मंदिर प्राचीन है, लेकिन यह सड़क के बीच में आ रहा था तो बोर्ड ने यहां से हटाकर दूसरे स्थान पर मूर्ति स्थापित करने का निर्णय लिया था। हालांकि, उन्होंने शिवलिंग को नुकसान पहुंचाए जाने से इनकार किया है।

कांग्रेस ने कहा, भाजपा के सभापति ने निर्णय लिया

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजगढ़ नगर पालिका में बोर्ड भाजपा का है। यहां भाजपा के सभापति सतीश दुहारिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में मास्टर प्लान के अनुसार, अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया था। नगर पालिका में भाजपा के 34 और कांग्रेस का एकमात्र पार्षद है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मण्डल अध्यक्ष सत्येन्द्र सैनी ने अलवर कलेक्टर को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केन्द्र सरकार और अरविन्द केजरीवाल सरकार ने एक धार्मिक स्थल पर बुलडोजर चलवाया था। राजगढ़ में भी बुलडोजर चलवाने का निर्णय भाजपा के पार्षदों ने ही किया। अधिकारियों ने तो उनके द्वारा पारित प्रस्ताव की पालना की है।

Koo App
राजस्थान में `औरंगज़ेब’ की तुष्टिकरण नीति बदस्तूर जारी है! इस बार उसके निशाने पर 300 वर्ष पुराना शिव मंदिर था! @ashokgehlot51 जी, लिख कर रख लीजिए, ये आपका अंतिम कार्यकाल है मुख्यमंत्री के रूप में.. इसके बाद जनता और शिवजी का आशीर्वाद जीवन भर नहीं मिलेगा! https://www.indiatv.in/rajasthan/alwar-bulldozers-were-run-on-300-year-old-temples-people-called-conspiracy-2022-04-22-846328 - Ravi Kumar Yadav (@Raviyadav_BJP) 22 Apr 2022

भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इस मामले की जांच के लिए सांसद सुमेधानंद की अगुआई में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। पूनिया ने कहा कि यह समझ में नहीं आता कि 300 साल पुराना मंदिर अतिक्रमण कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा का बोर्ड है, उसके सभापति से भी बात की जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि विकास के नाम पर भगवान के मंदिर पर प्रहार करना बेहद दुखद है। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बदले की भावना के साथ वोट बैंक की राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि भाजपा के बोर्ड से यह गलती हुई है, इसे नहीं तोड़ा जाना था।

विधायक का वीडियो वायरल

क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक जौहरीलाल मीणा का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि कांग्रेस का बोर्ड होता तो बुलडोजर नहीं चलता। 24 घंटे का समय दिया जाता है आप 34 पार्षद मेरे घर लेकर आ जाओ, बुलडोजर की कार्रवाई रुक जाएगी। वह लोगों से कह रहे हैं, आपने बबूल का पेड़ बोया है तो आम कहां से आएगा। यह वीडियो 14 अप्रैल का बताया जा रहा है।

Koo App
तुष्टिकरण के पूर्वाग्रहों से ग्रसित गहलोत सरकार द्वारा अलवर में 300 वर्ष पुराने शिव मंदिर को ध्वस्त करने की घटना बेहद पीड़ादायक व निंदनीय है।भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं व धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कांग्रेस प्रायोजित घटनाएँ कांग्रेस की विकृत सोच को प्रदर्शित करती है। - Arjun Ram Meghwal (@ArjunRamMeghwal) 22 Apr 2022

Edited By: Priti Jha

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट