गहलोत ने पायलट के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आलाकमान पर बढ़ाया दबाव, कांग्रेस को इन सीटों पर नुकसान की चिंता
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से पायलट के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वहीं आलाकमान को गुर्जर बहुल सीटों पर होने वाले संभावित नुकसान की चिंता है।

जयपुर, राज्य ब्यूरो। राजस्थान में विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले कांग्रेस का राजनीतिक संग्राम तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जहां अपनी ही सरकार के खिलाफ जन संघर्ष यात्रा निकाल रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पार्टी आलाकमान पर दबाव बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से पायलट के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वहीं, आलाकमान को गुर्जर बहुल तीन दर्जन विधानसभा और आधा दर्जन लोकसभा सीटों पर होने वाले संभावित नुकसान की चिंता है। इन सीटों पर गुर्जर मतदाता निर्णायक भूमिका में है।
गुर्जर समाज के बड़े नेता हैं पायलट
पायलट गुर्जर समाज के सबसे बड़े नेता हैं। ऐसे में कई विधायक और नेता नहीं चाहते हैं कि पायलट को मुख्यधारा से दूर किया जाए। उधर, पायलट जाट व गुर्जर समाज के नेताओं को एकजुट करने में जुटे हैं। भ्रष्टाचार और सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पर्चे लीक होने के मुद्दे को लेकर पांच दिवसीय पैदल यात्रा निकाल रहे पायलट अब गहलोत से समझौता करने के मूड में नहीं है।
पायलट ने आलाकमान को साफ संदेश भेज दिया कि गहलोत के रहते अब वे अपने कदम पीछे नहीं हटा सकते हैं। पायलट ने कहा कि पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी में आस्था है, लेकिन दिल्ली में जिस तरह से वरिष्ठ नेताओं ने गांधी परिवार को घेर रखा है, उसे देखते हुए उन्हे न्याय की उम्मीद कम है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पायलट को मनाने की कोशिश की है, लेकिन पायलट ने साफ कहा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच की मांग करना अनुशानहीनता कैसे हो सकती है।
''अनुशानहीनता गहलोत समर्थकों ने की''
पायलट शुक्रवार को अपनी दूसरे दिन की यात्रा किशनगढ़ से प्रारंभ कर जयपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर गए। तेज धूप में पैदल चलते हुए मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कांग्रेस छोड़ने पर कहा कि अटकलें लगाने की आवश्यक्ता नहीं है। मैं सबके सामने कहता-करता हूं।
उन्होंने कहा कि मैने वसुंधरा राजे सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन किया था। सीएम को कई पत्र लिखकर जांच की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अनुशानहीनता तो गहलोत समर्थक विधायकों ने की जब पिछले साल 25 सितंबर को सोनिया गांधी के निर्देश पर दो पर्यवेक्षक जयपुर आए और विधायक दल की बैठक नहीं हुई। पर्यवेक्षकों की बेइज्जती हुई।
नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा, विधायक मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया एवं इंद्रराज गुर्जर ने पायलट से मुलाकात की। हालांकि, ये मंत्री और विधायक पायलट के साथ नहीं चल रहे हैं।
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