बिजयनगर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों को पेशी पर जाते समय वकीलों ने पीटा, कोर्ट ने दी चार दिन की पुलिस कस्टडी
बिजयनगर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों को पेशी पर जाने के दौरान वकीलों ने ही उनको पीट दिया। पेशी के दौरान जब आरोपी कोर्ट परिसर में पहुंचे लोगों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अदालत ने आरोपियों को 4 दिन पुलिस अभिरक्षा में रखने के आदेश दिए हैं। मामले को लेकर अजमेर व ब्यावर जिले में हिन्दू वादी संगठनों में रोष व्याप्त है।

जेएनएन, अजमेर। ब्यावर जिले के बिजयनगर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत निजी स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग लड़कियों को प्रलोभन में मोबाइल देकर उन्हें अपनी जाल में फंसाने का मामला सामने आया था। इस मामले में समुदाय विशेष के छह आरोपियों को मंगलवार को अजमेर की पॉक्सो एक्ट कोर्ट में पेश करते हुए वकीलों ने ही उनकी पिटाई कर दी।
पुलिस मुश्किल में आरोपियों को कोर्ट परिसर से बाहर लेकर आई। अदालत ने आरोपियों को 4 दिन पुलिस अभिरक्षा में रखने के आदेश दिए हैं। इस बीच पीड़ित लड़कियों के मजिस्ट्रेट बयान नसीराबाद की एसीजेएम अदालत में मजिस्ट्रेट सुमन गिठाला के समक्ष कलमबद्ध दर्ज कराए गए हैं।
लोगों ने आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई की मांग
उपअधीक्षक सज्जन सिंह सहित पीड़िताओं के परिजन व आक्रोशित हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी भी नसीराबाद न्यायालय परिसर में पहुंचे, एहतियातन अतिरिक्त पुलिस जाप्ता बुलाया गया। न्यायालय परिसर में जमा लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
हिन्दू वादी संगठनों में रोष
मामले को लेकर अजमेर व ब्यावर जिले में हिन्दू वादी संगठनों में रोष व्याप्त है। विभिन्न मंचों से हिन्दू संगठनों ने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है। इस मामले को 1992 के अजमेर के बहुचर्चित अश्लील छायाचित्र ब्लैकमेल काण्ड की तरह ही लिया जा रहा है। वहीं इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
एक आरोपी नाबालिग
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा के अनुसार मामले में छह आरोपियों जिनमें सभी 18 से 20 साल की आयु के हैं रिहान मोहम्मद, सोहेल मंसूरी, लुकमान उर्फ सोहेब, अरमान पठान, साहिल कुरैशी और अफराज को पेश किया गया है। एक नाबालिग भी निरुद्ध किया गया है।
वकीलों ने कर दी आरोपियों की पिटाई
अजमेर अदालत से बाहर लाते हुए वकीलों ने आरोपियों के साथ मारपीट की। आरोपियों को देखने के लिए वहां पहले से ही भारी भीड़ थी। वकील समुदाय के लोग भी उनमें शामिल थे। पुलिस कड़ी सुरक्षा के साथ आरोपियों को पैदल ही लगभग भागती हुई स्थिति में अदालत के अंदर लेकर गई लगभग ऐसी ही स्थिति में उन्हें बाहर निकाला गया।
इस बीच मौका पाकर काला कोट पहने व चोटी बनाए एक वकील ने एक आरोपी के थप्पड़ जड़ दिया। फिर अन्य वकील भी आरोपियों की पिटाई करने लगे। पुलिस ने बहुत मशक्कत से आरोपियों को अदालत परिसर से बाहर निकाला। पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों के साथ वकीलों द्वारा की गई मारपीट की फुटेज थोड़ी ही देर में वायरल हो गई।
जानिए क्या है पूरा प्रकरण
गौरतलब है कि तीन लड़कियों के घरवालों ने सामूहिक रूप से बिजयनगर पुलिस को रिपोर्ट पेश कर बेटियों को समुदाय विशेष के युवकों द्वारा ब्लैकमेल कर देह शोषण करने और उनका धर्मान्तरण कराने के लिए विवश करने का आरोप लगाया है।
पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि युवक उनकी बेटियों को प्रलोभन में मोबाइल देकर उस फोन पर बात करते थे व स्कूल जाते हुए रास्ते में उन्हें रोककर डराधमका कर उन्हें कैफे में साथचलने के लिए दबाव बनाते थे। नहीं जाने पर परिवारजनों को जान से मारने की धमकी देते थे। उनसे कलमा पढ़ने व रोजा रखने तथा उनकी पसंद के कपड़ पहन कर आने के लिए कहते थे।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
डीएसपी सज्जन सिंह ने बताया कि 16 फरवरी 25 को तीन मामले दर्ज किए गा जिनमें परिजनों ने बताया कि उनके घर से बेटी द्वारा रुपए चोरी करने पर उन्हें शक हुआ। उस पर नजर रखी जाने लगी तो वह मोबाइल पर फोन पर बात करते हुए पाई गई। पूछताछ में पाया कि उन्हें मोबाइल समुदाय विशेष के किसी युवक ने दिया है।
गहराई से पूछताछ करने पर अन्य युवकों व उसकी सहेलियों के पीड़ित होने के बारे में भी जानकारी मिली। परिवारजनों की शिकायत पर 7 आरोपियों को पकडा गया है। जिनमें एक नाबालिग है। उन्होंने बताया कि पीड़िताओं से बात की जाएगी वहीं आरोपियों से साक्ष्य जुटाए जाएंगे। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनको लेकर जांच की जाएगी और अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
वकीलों ने पैरवी से किया इनकार
बिजयनगर अभिभाषक संघ के सभी सम्मानित सदस्यों ने 17 फरवरी 2025 को बिजयनगर में घटित घटना की निंदा की है। अभिभाषक संघ ने पुलिस प्रशासन से अपेक्षा कि है कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जावें और अभिभाषक संघ बिजयनगर उक्त मामले में दोषियों के पक्ष में पैरवी नहीं करेगा।
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