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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan Rains: श्रीगंगानगर में बारिश का 44 साल पुराना रिकार्ड टूटा, सेना की लेनी पड़ी मदद

By Babita KashyapEdited By:
Published: Sat, 16 Jul 2022 10:59 AM (IST)

Rajasthan Rains श्रीगंगानगर में बीते 24 घंटों में 224 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में जुलाई में अब तक ...और पढ़ें

Rajasthan Rains: बारिश ने गंगानगर के पिछले 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
Rajasthan Rains: बारिश ने गंगानगर के पिछले 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

नई दिल्‍ली, जागरण आनलाइन डेस्‍क। राजस्थान में सावन की शुरुआत के साथ ही बारिश का दौर जारी है। हालांकि कि राज्‍य के बहुत से इलाकों में भारी बारिश के कारण बहुत बुरा हाल है। श्रीगंगानगर में बीते 24 घंटों में 224 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश ने गंगानगर के पिछले 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

बारिश का यह दौर शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक जारी रहा। इससे शहर और उसके आसपास बाढ़ की स्थिति बन गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सेना की मदद ली। 15 जुलाई को सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे 48 मिमी के बीच अधिक बारिश दर्ज की गई।

इससे  पहले 18 जुलाई 1978 को हुई थी सबसे अधिक बारिश 

मौसम के बारे में जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार बारिश का यह आंकड़ा जुलाई महीने में अब तक का सबसे ज्यादा (24 घंटे बारिश का रिकॉर्ड) है। अब तक 24 घंटे बारिश का रिकॉर्ड 18 जुलाई को 1978 में 107.7 मिमी दर्ज किया गया था।

इस प्रकार, शहर ने 44 साल पुराना बारिश रिकॉर्ड तोड़ दिया है। श्री गंगानगर में जुलाई में 379.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि सबसे अधिक है।

24 से 36 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना

मिली जानकारी के अनुसार आने वाले 24 से 36 घंटों में राजस्थान के श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में और बारिश होने की संभावना है। सामान्य तौर पर, राजस्थान में बारिश के मामले में सामान्य से ऊपर रहा है।

मानसून की शुरुआत से पहले और बाद में अच्छी बारिश हुई है। पश्चिमी राजस्थान में 71 प्रतिशत अधिक वर्षा हो रही है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 26 प्रतिशत अधिक वर्षा हो रही है।

सरकारी व निजी स्कूलों में अवकाश घोषित

राज्‍य के श्रीगंगानगर में बारिश के कारण बिगड़े हालात देखते हुए शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अगले आदेश तक अवकाश घोषित कर दिया है। पानी निकालने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। जिला कलेक्टर ने कहा कि सेना के सहयोग से नगर परिषद, नगर विकास ट्रस्ट, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और होमगार्ड की टीमों का गठन किया गया है और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी के लिए भेजा गया है।

पानी से लबालब हुए खेत, घरों में भरा पानी

श्रीगंगानगर के ग्रामीण इलाकों में भी भारी बारिश से आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के कारण गांवों की गलियां नाले में तब्दील हो गईं। लोगों के घरों में पानी भर हुआ है। खेत भी पानी से लबालब भरे हुए हैं। नहरों में पानी की मात्रा बढ़ने से नहरें ओवरफ्लो होकर टूटने की कगार पर पहुंच गई हैं।