जागरण संवाददाता, तरनतारन : दिल्ली आंदोलन के दौरान तीन मार्च को जान गंवाने वाले किसान सुरजीत सिंह (32) के परिवार को सरकार की ओर से घोषित मुआवजा नहीं मिल रहा। हलका विधायक डा. धर्मबीर अग्निहोत्री के दखल के चलते एसडीएम दफ्तर द्वारा अभी फाइल को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। यह आरोप विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं ने लगाते हुए एसडीएम रजनीश अरोड़ा के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दो घंटे तक दफ्तर का घेराव किया।

जम्हूरी किसान सभा के नेता हरदीप सिंह रसूलपुर, अजीत सिंह ढोटा, बचित्र सिंह मक्खी कलां, निरपाल सिंह ने घेराव की अगुआई करते कहा कि कैप्टन सरकार की ओर से घोषणा की गई थी कि दिल्ली आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को पांच लाख का मुआवजा व सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। सुरजीत सिंह की तीन मार्च को दिल्ली आंदोलन के दौरान जान गई थी। परिवार को मुआवजा दिलाने लिए फाइल एसडीएम दफ्तर द्वारा जानबूझकर आगे नहीं भेजी जा रही। मुखत्यार सिंह मल्ला, जसपाल सिंह झब्बाल, दलजीत सिंह दयालपुरा ने कहा कि हलका विधायक के दखल पर एसडीएम द्वारा फाइल को जानबूझकर गायब कर दिया गया है। इस मौके बलदेव सिंह पंडोरी, सुलखण सिंह तुड़, जसबीर कौर, नरिदर कौर पट्टी, रेशम सिंह फैलोके, हरजिदर सिंह चुंग, हरभजन सिंह पट्टी, दविदर सोहल मौजूद थे। मुआवजे के लिए दस्तावेज पूरे नहीं है किसान सुरजीत सिंह के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए जो फाइल मेरे पास पहुंची है, उसमें दस्तावेज पूरे नहीं हैं। दस्तावेज पूरे करवाने के लिए मैंने पहले भी परिवार को कहा था। दस्तावेज पूरे होते ही फाइल को तस्दीक करके सरकार को भेज दिया जाएगा। फाइल को बेवजह रोकने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

रजनीश अरोड़ा, एसडीएम तरनतारन हमारी सरकार है किसान हितैषी

गांव चीमा खुर्द निवासी किसान सुरजीत सिंह से संबंधित फाइल को मैंने नहीं रुकवाया। आप जानते हैं कि हमारी सरकार पूरी तरह से किसान हितैषी है। सुरजीत सिंह के परिवार को मुआवजे के लिए मैंने खुद एसडीएम को लिखित तौर पर कहा है।

डा. धर्मबीर अग्निहोत्री, विधायक तरनतारन

Edited By: Jagran