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    लाल परी हुई 150 रुपये की, पियक्कड़ों को लगी मौज

    By JagranEdited By:
    Updated: Sat, 02 Dec 2017 06:58 PM (IST)

    पंजाब में अब शराब के ठेकेदारों की ओर से हरियाणा व राजस्थान के साथ पड़ने वाले क्षेत्रों में शराब के दामों में ही भारी गिरावट कर सरकार के एजेंडे को ही साफ कर दिया है।

    लाल परी हुई 150 रुपये की, पियक्कड़ों को लगी मौज

    सचिन धनजस, संगरूर

    पंजाब में अब शराब के ठेकेदारों की ओर से हरियाणा व राजस्थान के साथ पड़ने वाले क्षेत्रों में शराब के दामों में ही भारी गिरावट कर सरकार के एजेंडे को ही साफ कर दिया है। प्रदेश में जो पहले देसी शराब की बोतल 250 रुपये प्रति बोतल मिला करती थी, वह अब महज 150 रूपये प्रति बोतल हो जाने से पियक्कड़ों को मौज लग गई है। हालांकि, शराब के दाम कम करने के पीछे शराब ठेकेदार प्रदेश में हरियाणा से शराब की तस्करी को रोकने की कवायद करार दे रहे हैं, ¨कतु शराब सस्ती हो जाने से विरोधी पक्षों को कैप्टन सरकार के खिलाफ एक मुद्दा ओर मिल गया है।

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    लाल परी पीने वालों में खुशी, तस्करी वालों में बैचेनी

    जिला संगरूर में शराब के ठेकेदारों व पुलिस प्रशासन के लिए हरियाणा व राजस्थान से आने वाली देसी शराब की तस्करी काफी सिरदर्दी बनी हुई थी। शराब माफिया ने इस तस्करी को रोकने हेतु वह हर प्रयास किए, जो वह कर सकते थे, ¨कतु तस्करी फिर भी बदस्तूर जारी रही। शराब तस्करी करने वाले हरियाणा से महज 50-60 रुपये की शराब की बोतल लाकर जिले में 150 रूपये प्रति बोतल बेच रहे थे। जबकि शराब का पूरा डिब्बा 1300 से 1500 रुपये आसानी से मिल जाता था। वहीं, प्रदेश में शराब की बोतल 250 रुपये की मिल रही थी। इस कारण शराब पीने वाले लोगों में हरियाणा की शराब की भारी डिमांड थी। इसी वजह से शराब के ठेकेदारों की देसी शराब की बिक्री का ग्राफ काफी नीचे चला गया था। इसका हल निकालते हुए शराब ठेकेदारों ने हरियाणा के साथ लगने वाले जिला संगरूर में शराब के दाम सीधे 100 रुपये कम कर दिए। जिसका लाभ शराब ठेकेदारों को हो न हो परंतु पीने वालों को काफी होगा। शराब के दाम कम होने से लाल परी की दीवानों में खुशी पाई जा रही है, वहीं नशा तस्करों में बैचेनी।

    फोटो फाइल: 14

    - सरकार अपना एजेंडा भुली, शराब को कर रही प्रमोट

    आम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा ने शराब के दम कम होने का गंभीर नोटिस लेते हुए कहा कि कैप्टन अपना नशामुक्ति का एजेंडा ही भूल चुके हैं। सरकार शराब को बंद करने की बजाए इसके प्रचार व प्रसार में लगी हुई है। उनके द्वारा विधान सभा में भी इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शराब के रैवन्यु से सेहत, शिक्षा व विकास कार्यों पर खर्च हो। उन्होंने कहा कि कैप्टन लोगों को बेवकूफ बनाते आ रहे हैं। वह विपक्ष में होने के नाते सरकार को इस मामले में जरूर घेरेंगे।

    फोटो फाइल: 15

    - कोई भी मरे पर सरकार को रैवन्यु चाहिए

    पूर्व संसदीय सचिव व विधायक बाबू प्रकाश चंद गर्ग का कहना है कि प्रदेश के लोगों के साथ ढेरों वादे कर सत्ता हासिल करने वाली कैप्टन सरकार को सिर्फ रैवन्यु चाहिए। चाहे कोई मरे या जीवत रहे। अभी तक सरकार ने कुछ नहीं किया। महज लोगों को अन्य मामलों में उलझाने में लगी हुई है। प्रदेश में आज हर गली व चौराहे पर नशे खुलेआम बिक रहे हैं। शराब के दाम इस प्रकार कम किया जाना दर्शाता है कि सरकार नशा समगलरों के साथ मिली हुई है।

    शराब की तस्करी रोकने के लिए दाम किए कम

    जिला संगरूर में शराब के ठेकेदार मुनीश कुमार ने कहा कि शराब के दाम शराब की अन्य राज्यों से हो रही अवैध तस्करी को रोकने हेतु कम किए गए हैं। जब उनसे पूछा कि अंग्रेजी शराब के दाम भी कम होंगे? तो उन्होंने कहा कि यह फैसले उच्च स्तरीय होते है, इस बारे वह कुछ नहीं कह सकते।